जालौन
रायड़ दीवारा में श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस राम जन्मोत्सव की कथा का हुआ भावपूर्ण वर्णन
जय श्रीराम के नारों से गूंजा कथा पंडाल, तृतीय दिवस हुआ राम जन्मोत्सव का भव्य आयोजन

राम जन्म की पावन कथा सुन भक्त हुए निहाल, कथा स्थल पर उमड़ा जनसैलाब
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कालपी (जालौन)। ग्राम रायड दीवारा, कालपी में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा एवं गया पूजन महोत्सव के अंतर्गत कथा के तृतीय दिवस भगवान श्रीराम जन्मोत्सव प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं भक्तिमय वर्णन किया गया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का श्रवण कर भाव-विभोर हो उठे।
कथा व्यास परम पूज्य सरगम महाराज जी (जिला एटा) अपनी मधुर वाणी एवं सरल शैली में श्रीमद् भागवत महापुराण की दिव्य कथाओं का रसपान करा रहे हैं। तृतीय दिवस की कथा में उन्होंने भगवान श्रीराम के अवतार की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग, सत्य और आदर्शों का अनुपम उदाहरण है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर भगवान के जन्म की खुशियां मनाईं। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर प्रभु के जन्मोत्सव का स्वागत किया। इस धार्मिक आयोजन के मुख्य आयोजक श्रीमती श्याम कुमारी एवं प्रभुलाल हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में परिवार एवं क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु सहयोग प्रदान कर रहे हैं। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। कथावाचक सरगम महाराज जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज में सदाचार, नैतिकता और मानवता के संस्कार स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में धर्म, सत्य और सेवा को अपनाने का आह्वान किया। ग्राम रायड़ दीवारा एवं आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। कथा स्थल पर भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा एवं आगामी पूर्णाहुति तथा विशाल भंडारे में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।

