जालौन
ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को उरई साइबर थाने की पुलिस ने किया गिरफ्तार
भोले-भाले लोगों के नाम पर खाते और सिम खुलवाकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
उरई (जालौन)। साइबर क्राइम थाना उरई पुलिस ने लोगों को विश्वास में लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाने और सिम कार्ड जारी कराकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो की-पैड मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। दिनांक 08 जुलाई 2026 को उपनिरीक्षक शिवेन्द्र सिंह परमार द्वारा प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर साइबर क्राइम थाना उरई में मुकदमा अपराध संख्या 14/2026 धारा 318(4) 112(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2008 की धारा 66-सी एवं 66-डी के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। मुकदमा दीपेन्द्र कुमार पुत्र मान सिंह निवासी ग्राम मानपुर थाना सिरसाकलार जनपद जालौन के विरुद्ध दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के पर्यवेक्षण में मामले के खुलासे के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया। विवेचना के दौरान छह अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त दीपेन्द्र कुमार को इकलाशपुरा चौराहा उरई के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। आरोपी ने बताया कि गिरोह के सदस्य बिहार पुलिस के विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की प्रतियां बिहार स्टेट क्राइम ब्यूरो की वेबसाइट से डाउनलोड करते थे। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराने वाले लोगों के मोबाइल नंबर प्राप्त कर स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर संपर्क करते थे। गिरोह के सदस्य पीड़ितों को उनके मुकदमे के निस्तारण का झांसा देकर विश्वास में लेते थे और फिर उनके द्वारा बताए गए बैंक खातों में ऑनलाइन धनराशि जमा करा लेते थे। आरोपी ने यह भी बताया कि गिरोह में कई सदस्य शामिल हैं और सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त 12 सिम कार्ड नंबरों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर खंगाला गया। जांच में पता चला कि इन नंबरों के खिलाफ बिहार समेत विभिन्न राज्यों में कुल 24 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपी और उसके साथियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी आसपास के थानों के साथ-साथ सीमावर्ती जनपदों एवं अन्य राज्यों से भी जुटाई जा रही है। साइबर थाना पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।



