बरेली
अमरीकी ट्रेड डील और बेलगाम महंगाई के खिलाफ मुंडिया अहमदनगर में फूटा गुस्सा
पुलिस ने मार्च निकालने की नहीं दी अनुमति

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और लगातार बढ़ रही कमरतोड़ महंगाई के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का गुस्सा बृहस्पतिवार को फूट पड़ा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी के देशव्यापी आंदोलन के आह्वान पर रिठौरा और भंडसर क्षेत्र के किसान मुंडिया अहमदनगर में एक बड़े पैदल मार्च और प्रदर्शन की तैयारी में थे। लेकिन, ऐन वक्त पर पुलिस और प्रशासनिक अमले ने कानून व्यवस्था का हवाला देकर आंदोलन की हवा निकालने की कोशिश की और प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। माहौल को गरमाता देख इज्जतनगर थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र गौतम भारी पुलिस बल और बैरियर टू चौकी प्रभारी मोहित कुमार के साथ खुद मोर्चा संभालने मुंडिया अहमदनगर पहुंचे। उन्होंने कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अर्जुन यादव के नेतृत्व में एकत्रित हुए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत किया और सड़क पर मार्च निकालने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने को कहा। आखिरकार संगठन ने थानाध्यक्ष को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। थाना प्रभारी ने सभी किसान नेताओं से क्षेत्र में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने की सख्त अपील की। ज्ञापन सौंपते समय कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अर्जुन यादव ने सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के कृषि सेक्टर को बर्बाद करने की सोची-समझी साजिश है। इससे हमारे पारंपरिक बाजार कॉरपोरेट घरानों के गुलाम हो जाएंगे। डीजल-पेट्रोल, खाद, बीज और दैनिक उपयोग की चीजों पर बेकाबू महंगाई ने किसानों और आम जनता की कमर तोड़ दी है। किसान अपनी आवाज उठाने के लिए मजबूर हैं। आंदोलन और ज्ञापन देने के दौरान मुख्य रूप से राजवीर यादव, हरीश कुमार, देवेंद्र, अर्चना पाल, केशव सिंह सोलंकी, अरविंद चौहान, राधेश्याम पंडित, मनोज कुमार, छत्रपाल उर्फ गुड्डू, बृजनंदन, मंदीप सिंह, इस्माइल अली और लला यादव सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।


