
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। ग्राम मिर्चवारा के गरीब किसानों ने अपनी पुश्तैनी भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की मांग की है। पीडि़त किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई कर उनकी भूमि वापस नहीं दिलाई तो वे आत्मदाह करने और घंटाघर पर अनिश्चितकालीन अनशन करने के लिए विवश होंगे। ग्राम मिर्चवारा निवासी हरप्रसाद, हजारीलाल एवं उजवक पुत्रगण जुज्जे ने आरोप लगाया है कि उनकी संक्रमणीय भूमिधारी कृषि भूमि, जो मुख्य मार्ग से लगी हुई है और राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दर्ज है, पर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा दबंगई के बल पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। किसानों का कहना है कि संबंधित भूमि पर उनका वर्षों से कब्जा एवं खेती रही है, लेकिन अब उन्हें उनकी ही जमीन से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। पीडि़त किसानों ने बताया कि जब उन्होंने अपनी भूमि खाली करने की बात कही तो उन्हें धमकाया गया तथा जान-माल की हानि पहुंचाने की चेतावनी दी गई। किसानों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है, जिससे पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है। किसानों ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा अवैध कब्जा नहीं हटवाया गया और उनकी भूमि वापस नहीं दिलाई गई तो वे आत्मदाह जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मामले में अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा ने भी किसानों का समर्थन किया है। महासभा के पदाधिकारियों ने प्रशासन से तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो जिले के किसान एवं समाज के लोग एकजुट होकर ललितपुर घंटाघर पर धरना-प्रदर्शन एवं अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। शिकायती पत्र में प्रदेश सचिव भजनलाल, जिलाध्यक्ष सुखलाल कुशवाहा, जिला सचिव गजेन्द्र कुशवाहा, कोषाध्यक्ष डब्बू, उपाध्यक्ष बिंदादीन कुशवाहा सहित कई ग्रामीणों और किसानों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। किसानों को अब जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।



