बागपत
संस्कारों से सशक्त होगा राष्ट्र, आर्य समाज निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के तत्वावधान में चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल में आयोजित आवासीय संस्कार शिविर के दूसरे दिन राष्ट्र निर्माण, नैतिक शिक्षा और शारीरिक सुदृढ़ता पर विशेष जोर दिया गया। शिविर में शामिल आर्य वीरों ने यज्ञ, जूडो-कराटे, पीटी, सूर्य नमस्कार तथा विभिन्न अनुशासनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रवि शास्त्री ने कहा कि आर्य समाज ने देश के सामाजिक, शैक्षिक और राष्ट्रीय उत्थान में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों से प्रेरित होकर आर्य समाज ने समाज में शिक्षा, समानता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों को अच्छे संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आर्य समाज द्वारा समय-समय पर संस्कार शिविरों का आयोजन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। जो विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हैं, वे जीवन में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करते हैं। ऐसे शिविर बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
रवि शास्त्री ने वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन मानव की अति-विकासवादी और प्रकृति-विरोधी सोच का परिणाम है। वर्ष दर वर्ष मौसम के बदलते स्वरूप, बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाएं इस बात का संकेत हैं कि मानव को विकास की अपनी वर्तमान परिभाषा पर पुनर्विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही सतत विकास संभव है और नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना समय की मांग है।
शिविर में प्रशिक्षकों द्वारा आर्य वीरों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। जूडो-कराटे प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत एवं आत्मविश्वासी बनने की प्रेरणा दी गई। इसके अलावा प्रातःकालीन यज्ञ, योगाभ्यास, सूर्य नमस्कार तथा पीटी के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया।
शिविर अध्यक्ष धर्मपाल त्यागी ने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से शिविर में प्राप्त शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डॉ. तरुण तोमर, कपिल आर्य, रामपाल तोमर, हरेंद्र आर्य, मीरा वर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शिविर का वातावरण उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रहा।



