भरत पुर
श्रीमद् भागवत के श्रवण मात्र से जन्म जन्मान्तरण के बन्धन मुक्त हो जाते है-डां0 कृष्णा पाठक
हवन पूर्णाआहुति एवं महाप्रसादी (भण्डारे) के साथ श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर : भरतपुर जिले की वैर – भुसावर विधान सभा क्षेत्र के बन्दे्श्वर महादेव मन्दिर महादेव मन्दिर बन्ध का नगला ( भुसावर) के परिसर में मलमास (पुरुषोत्म ) के पावन अवसर पर समस्त बौहरा परिवार एवं परमपिता परमात्मा की असीम कृपा से और संगक्षक रतन लाल जी बौहरा एवं ब्रम्हा देवी जी के संयुक्त तत्वाधान में 05 जून से अनवरत 11 जून तक दोपहर 01 बजे से सांय 06 बजे तक आयोजित की जा रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का समापन के अवसर पर श्रद्वालुओं का सैलाब उमड़ पडा। जहां व्यास पीठ पर विराजमान नीम करोरी बाबा की शरणागत भक्त एवं जयपुर से पधारी हुई बाल ब्रह्मचारणी कथा वाचिका व्यास डॉ0 कृष्णा पाठक ने अपने मुखारबिंद से कथा के अन्तिम दिन मुख्य रुप से कृष्ण सुदामा चरित्र, शुक देव द्वारा राजा परीक्षित को तक्षक नाग के डसने से पूर्व मोक्ष की प्राप्ति और भागवत विदाई के प्रसंग सुनाए गए, जिन्हें सुनकर पाण्डाल में मौजूद सैकड़ों श्रद्वालुओं की आंखें सजल हो ग ई। और भक्त भाव विभोर हो उठे। वहीं कथा वाचिका कृष्णा पाठक ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा साक्षात कल्पवृक्ष है, जिसके श्रवण मात्र से मनुष्य के जन्म जन्मान्तरण के बन्धन मुक्त हो जाते हैं। वहीं कथा पाण्डाल में मुख्य यजमानों द्वारा सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के पूर्ण होने के बाद विधी विधान पूर्वक वैदिक मन्त्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्वालुओं ने आहुति देकर परिवार में सुख शांति के साथ विश्व कल्याण की प्रार्थना की। वहीं बन्देश्वर महादेव मन्दिर के परिसर में आयोजित हुए धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात आयोजित हुए विशाल महाप्रसादी (भण्डारें) में हजारों श्रद्वालुओं ने पंगत में बैठकर पुआ, सब्जी की प्रसादी वितरित की गई। भण्डारा प्रसादी का शुभारम्भ सुबह 11 बजे से शुरु होकर देर सांय तक अनवरत चलता रहा। इस दौरान पधारे हुए हजारों श्रद्वालुओं ने कतारवर्द्ध होकर अनुशासन के साथ पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। वहीं इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, महिलाएं और युवाओं की टोली बड़ी संख्या में मौजूद रहीं जिन्होंने भण्डारे की व्यवस्था संभालने और सेवा कार्यों में सराहनीय सहयोग दिया।



