बरेली
किसान वैज्ञानिक तरीके से करें ,शाकभाजी की व्यावसायिक खेती- उद्यान अधिकारी बरेली

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : भिण्डी की फसल में सफेद मक्खी के द्वारा पीत शिरा मोजैक वायरस रोग फैलता हैै। इसकी रोकथाम के लिए ग्रसित पौधे को उखाड़कर जला दें या मिट्टी में दबा दें तथा रोग वाहक कीट नियंत्रण हेतु नीला चिपचिपा ट्रैप 15 से 20 ट्रैप प्रति हे0 लगायें तथा रासायनिक उपचार में थियाक्लोप्रिड 21.70 प्रतिशत एससी 0.30 मिली0लीटर या फिप्रोनिल 05 प्रतिशत एस.सी. 0.30 मिली0/लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
भिण्डी में शाखा एवं फल बेधक कीट के नियंत्रण हेतु फेरोमोन टैªप 5 प्रति हेक्टर फसल में 6 से 12 इंज ऊपर लगाये अथवा फ्लुबेन्डामाइड 39.35 एससी की 03 मिली0 प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर पर्णीय छिड़काव फल तुड़ाई उपरान्त सायंकाल में करें
कद्दूवर्गीय फसलों में यदि हरा फुदका कीट 10 की संख्या में प्रति हिल दिखाई दे तो फल तुड़ाई उपरान्त फसल पर थियाक्लोप्रिड 21.70 प्रतिशत एससी 0.30 मिली0/लीटर या फिप्रोनिल 05 प्रतिशत एससी 0.30 मिली0/लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें जबकि तना व फल छेदक कीट के नियंत्रण के लिए फ्लुबेन्डामाइड 39.35 एससी की 0.30 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
मिर्च में पर्णकुंचन एवं मोजैक विषाणु रोग का प्रसार सफेद मक्खी कीट के द्वारा होता है यान्त्रिक रूप से नियंत्रण हेतु पीली चिपचिपा जाल (यलो स्टीकी टैªप) तथा नीला चिपचिपा जाल 20-25 टैªप प्रति हे0 की दर से लगाये। आवश्यकतानुसार रसायनिक नियंत्रण के लिए थियाक्लोप्रिड 21.70 प्रतिशत एससी 0.30 मिली0/ली0 या फिप्रोनिल 05 प्रतिशत एससी 0.30 मिली0/लीटर पानी में घोल बनाकर 10-12 दिनों के अन्तराल पर छिड़काव करें तथा रोग ग्रासित पौधों को उखाड़कर जला दें अथवा मिट्टी में दबा दें।
हल्दी तथा अदरक की बुवाई हेतु खेत की तैयारी एवं कंद की व्यवस्था करें।
बैंगन एवं टमाटर की फसल को तना और फलबेधक कीट से बचाव के लिए क्लोरेन्ट्रानिलीप्रोल 18.50 प्रतिशत एस.सी. कीटनाशी की 0.30 मिली0 मात्रा प्रति लीटर पानी में घोल कर 10-15 दिन के अन्तराल पर छिड़काव करें।
कद्दूवर्गीय फसलों को फल मक्खी से बचाने हेतु क्यू ल्योर फेरोमोन टैªप 8-10 टैªप प्रति हे0 की दर से लगाये तथा नीम सीड कर्नेल इस्ट्रेक्ट (छैज्ञम्) का 3-5 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर आवश्यकतानुसार छिड़काव करें।


