बरेली
डीआईजी अजीत कुमार साहनी ने जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिए जांच के निर्देश
कोचिंग सेंटर ,स्कूल कॉलेज, माल, होटल, रेस्टोरेंट सार्वजनिक भवन बहु मंजिला इमारत की होगी जांच

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बरेली बरेली परिक्षेत्र के सभी जनपदों बरेली, बदायूं, पीलीभीत एवं शाहजहांपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि हाल ही में विभिन्न सार्वजनिक भवनों एवं कोचिंग संस्थानों में घटित अग्निकांड की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे समस्त स्थलों का प्रभावी निरीक्षण एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का सत्यापन कराया जाए , जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
इसी क्रम मे परिक्षेत्र के समस्त जनपदो में निम्न बिन्दुओं पर कार्यवाही किये जाने के जाने निर्देश दिए गए है :-
सभी जनपदों में कोचिंग सेंटर, स्कूल एवं कॉलेज, छात्रावास,अस्पताल एवं नर्सिंग होम मॉल,होटल ,रेस्ट्रोरेंट,बारातघर,बहुंमंजि ला भवन,व्यवसायिक प्रतिष्ठान,भीड़ एकत्र होने वाले अन्य सार्वजनिक स्थल/संस्थान की सूची तत्काल तैयार कर सत्यापन कराया जाए ।निरीक्षण/सत्यापन के दौरान भवन की सुरक्षा, प्रवेश / निकास मार्ग, आपातकालीन निकासी, अग्निशमन उपकरण एवं क्षमता से अधिक व्यक्तियों की उपस्थिति आदि का परीक्षण किया जाए। संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित कराया जाए कि भवन में अग्निशमन उपकरण (Fire Extinguisher) की उपलब्धता, फायर अलार्म एवं आपातकालीन प्रकाश, आपातकालीन निकास मार्ग अवरुद्ध न हों, सीढ़ियों एवं रास्तों पर अवैध निर्माण न हो, विद्युत वायरिंग, लोड क्षमता एवं अस्थायी कनेक्शन की जांच, गैस सिलेंडर / ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित उपयोग की जाँच करायी जाए ।
संबंधित संस्थानों द्वारा उत्तर प्रदेश अग्नि निवारण एवं अग्नि सुरक्षा अधिनियम, 2005 एवं उसके अंतर्गत बनाए गए नियम, राष्ट्रीय भवन संहिता (National Building Code of India) के अग्नि एवं जीवन सुरक्षा संबंधी प्रावधान एवं नियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत आपदा जोखिम न्यूनीकरण संबंधी उपाय एवं नियम एवं भवन निर्माण/उपयोग संबंधी स्थानीय विकास प्राधिकरण एवं नगर निकाय के नियमो का विधिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए । समस्त थाना प्रभारी / क्षेत्राधिकारी अपने क्षेत्र के संवेदनशील स्थलों का भ्रमण करें, संस्थान संचालकों के साथ सुरक्षा बैठक आयोजित करें, आपातकालीन नंबर 112, अग्निशमन सेवा एवं स्थानीय प्रशासन से समन्वय सुनिश्चित करें, किसी भी घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया एवं बचाव कार्य हेतु स्थानीय स्तर पर योजना पूर्व से तैयार की जाए । स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर एवं अस्पतालों में समय-समय पर अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल हेतु संबंधित विभागों को प्रेरित किया जाए, छात्रों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी एवं बचाव उपायों के बारे में जागरूक किया जाए ।
अग्निशमन विभाग, प्रशासन, नगर निकाय, विकास प्राधिकरण एवं विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त निरीक्षण कराया जाए तथा निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को सूचीबद्ध करते हुए उनके निराकरण की अनुपालन आख्या प्राप्त की जाए । यदि किसी संस्थान में गंभीर सुरक्षा संबन्धी खामियां पाई जाती हैं तथा सुधार हेतु निर्देशों के उपरांत भी अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जाता है, तो संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्यवाही करने हेतु रिपोर्ट प्रेषित की जाए तथा लापरवाही के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए ।



