गाजियाबाद

आत्मीयता और व्यक्तिगत संबंधों की मिसाल

शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने पहुंचे उपमुख्यमंत्री समेत कई दिग्गज नेता

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी, गाजियाबाद :  भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश मंत्री डॉ. प्रमेंद्र जांगड़ा के पूज्य पिता  जय भगवान जांगड़ा के निधन के बाद उनके परिवार को सांत्वना देने के लिए लगातार गणमान्य लोगों का उनके निवास पर पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। इसे डॉ. प्रमेंद्र जांगड़ा की आत्मीयता, सरल स्वभाव और व्यापक व्यक्तिगत संपर्क का परिणाम माना जा रहा है।
इसी क्रम में रविवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जवाहर नगर कॉलोनी स्थित डॉ. जांगड़ा के आवास पहुंचे। उन्होंने दिवंगत  जय भगवान जांगड़ा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की ,और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहन की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मोर्या ने डा प्रमेन्द्र जांगड़ा के परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने डॉ. प्रमेंद्र जांगड़ा की माताजी के चरण स्पर्श कर उनका ढांढस बंधाया। वहीं, भावुक हुए डॉ. प्रमेंद्र जांगड़ा को भी उन्होंने स्नेहपूर्वक सांत्वना देते हुए कहा कि इस कठिन समय में उनका परिवार अकेला नहीं है और वह सभी उनके साथ खड़े हैं।
डॉ. प्रमेंद्र जांगड़ा के पिता के निधन के बाद जिस तरह प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री, सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं, उसे उनकी व्यक्तिगत पकड़, आत्मीय व्यवहार और सामाजिक स्वीकार्यता का प्रमाण माना जा रहा है।
रविवार को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में मुख्य रूप से भाजपा सांसद अतुल गर्ग, खतौली विधायक मदन भैया, लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर, गाजियाबाद नगर अध्यक्ष मयंक गोयल, रविन्द्र बंधु , बंसन त्यागी, सभासद अंकुश जैन (मिंकू), अनूप बैसला, विपिन कसाना, सुनील पांचाल, सत्येंद्र बंसल, रोहित भारद्वाज, सत्येंद्र शर्मा खड़खड़ी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
शोक संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए लगातार उमड़ रही लोगों की भीड़ यह दर्शाती है कि डॉ. प्रमेंद्र जांगड़ा ने अपने सामाजिक और राजनीतिक जीवन में लोगों के साथ आत्मीय रिश्ते स्थापित किए हैं, जिनकी झलक इस दुःख की घड़ी में स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
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