गाजियाबाद

चोर कैमरे में कैद, एफआईआर फाइलों में कैद! 

लोनी बॉर्डर पुलिस की 'धीमी चाल'

दिनदहाड़े बाइक ले गया बेखौफ चोर, पुलिस 24 घंटे बाद भी कागज़ों से आगे नहीं बढ़ी लगता है सीसीटीवी से ज्यादा ‘सबूत’ अभी भी चाहिए!
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र की लक्ष्मी गार्डन कॉलोनी में दिनदहाड़े मोटरसाइकिल चोरी की घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली को एक बार फिर सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया हैं। चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद है, आरोपी का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पीड़ित की एफआईआर लोनी थाने में दर्ज नहीं हो पाई।
पीड़ित संदीप कुमार पुत्र ब्रह्मपाल, निवासी लक्ष्मी गार्डन, के अनुसार उन्होंने 27 जून को दोपहर करीब 1 बजे अपनी होंडा साइन ड्रीम मोटरसाइकिल (पंजीकरण संख्या DL 5SCR 9977) घर के बाहर खड़ी की थी। शाम करीब 4 बजे बाहर आने पर बाइक गायब मिली। सीसीटीवी फुटेज देखने पर करीब 2:30 बजे एक अज्ञात युवक बाइक ले जाता हुआ दिखाई दिया। मोटरसाइकिल का पंजीकरण संजीव शर्मा के नाम पर दर्ज है।
हैरानी की बात यह है कि चोर ने चोरी करते समय अपना चेहरा भी नहीं छिपाया और आराम से गली से निकलकर दिल्ली-सहारनपुर मार्ग की ओर चला गया। इसी मार्ग पर एक तरफ इंदिरापुरी पुलिस चौकी, दूसरी ओर सहायक पुलिस आयुक्त अंकुर विहार का कार्यालय, गुलाब वाटिका पुलिस चौकी, लोनी बॉर्डर चौकी और थाना मौजूद हैं। इसके बावजूद आरोपी बिना किसी रोक-टोक के क्षेत्र से निकल गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सीसीटीवी फुटेज जैसे अहम साक्ष्य मौजूद हैं, तब भी यदि मुकदमा दर्ज करने में देरी होती है, तो अपराधियों के हौसले बढ़ना स्वाभाविक है। लोगों ने लोनी बोर्डर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कार्रवाई में ऐसी ही सुस्ती रही तो कानून का डर कमजोर पड़ सकता है।
“लोनी बॉर्डर पुलिस का नया फॉर्मूला शायद यही है चोर पहले चोरी करे, कैमरे में कैद हो, पीड़ित थाने के चक्कर लगाए… फिर भी एफआईआर की ‘हरी झंडी’ का इंतज़ार करे। लगता है यहां चोर की रफ्तार से ज्यादा पुलिस की फाइलें आराम फरमाती हैं।”
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