बालाघाट

नाजिया इलाही के बयान से भड़का मुस्लिम समाज

अंजुमन इस्लामिया कमेटी के बैनर तले सौपा ज्ञापन

मामले में संबंधितों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्यवाही किए जाने की करी मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : पिछले दिनों सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और स्वयं को ‘सनातनी मुसलमान’ बताने वाली भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा नेत्री नाजिया इलाही खान ने एक पॉडकास्ट में पैगंबर मोहम्मद और हजरत आयशा सिद्दीका के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस विवादित बयान के बाद देशभर में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। देश के कई थानों में ज्ञापन देकर एफआईआर दर्ज करते हुए कड़ी कानूनी कार्यवाही किये जाने की मांग की है जिससे कि आगे कोई भी इस तरह की अपमानजनक भाषा का प्रयोग किसी भी धर्म और संप्रदाय के लिये ना कर सके। इसी कड़ी में रविवार को अंजुमन इस्लामिया कमेटी के बैनर तले समाजनों ने भी कोतवाली थाने में पहुंचकर नाजिया खान के बयान को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और कार्यवाही की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौपा है।जहा सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया कि नाजिया खान द्वारा की गई टिप्पणी से देशभर के करोड़ों मुसलामानों एवं धर्मप्रेमियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है तथा समाज में आक्रोश एवं असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई है। सामाजिक बंधुओ ने इस मामले में सम्बधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई किए जाने की गुहार लगाई है।
इसके पूर्व भी दे चुकी है भड़काऊ ब्यान
पदाधिकारियो द्वारा बताया गया कि यह कोई पहला मामला नही है जब नाजिया इलाही ने विशेष समाज को लेकर कोई भड़काऊ ब्यान दिया हो,बल्कि इससे पहले भी कई बार नाजिया खान द्वारा ऐसे भड़काऊ बयान देकर देश के शांति एवं भाईचारे को भंग करने का प्रयास किया गया है।अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार पूर्णत: निरंकुश नहीं है सार्वजनिक व्यवस्था, शांति एवं धार्मिक सद्भाव बनाये रखने हेतु उचित प्रतिबंध लगाये जा सकते है। मांग रखी गई कि नाजिया खान के विरूद्ध बीएनएस की धाराओं के तहत धार्मिक भावनाओं को आहत करने, विभिन्न धार्मिक समुदायों के मध्य वैमनस्य, घृणा अथवा दुर्भाव फैलाने पर कठोर कार्यवाही की जानी चाहिये साथ ही कहा गया कि रासुका के तहत भी मामला कायम होना चाहिये।
यह लोक व्यवस्था एवं सामाजिक सद्भाव के लिए गंभीर विषय
अंजुमन इस्लामिया कमेटी के बैनर तले सौपे गए ज्ञापन में इस बात का उल्लेख किया गया कि नाज़िया इलाही ख़ान एवं दिव्या सिंह द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म, यूट्यूब चैनलों, पॉडकास्ट तथा अन्य डिजिटल माध्यमों के माध्यम से इस्लाम, कुरआन -ए-मजीद, पैगम्बर-ए- इस्लाम हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम), उम्मुल मोमिनीन हज़रत आयशा सिद्दीका(रज़ियल्लाहु अन्हा) एवं मुस्लिम समाज के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक, अपमानजनक तथा भड़काऊ टिप्पणियाँ एवं सामग्री प्रसारित की गई हैं।उक्त कंथित सामग्री से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएँ गम्भीर रूप से आहत हुई हैं। ऐसी टिप्पणी,विभिन्न समुदायों के मध्य घृणा एवं सामाजिक तनाव उत्पन्न कर सार्वजनिक शांति, भाईचारे एवं सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है।यह लोक व्यवस्था एवं सामाजिक सद्भाव के लिए गंभीर विषय है।
इन मांगों को लेकर सौपा ज्ञापन
अंजुमन इस्लामिया कमेटी के बैनर तले सामाजिक बन्धुओ द्वारा सौपे गए इस ज्ञापन में इस प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराने,विवाद से संबंधित वीडियो, ऑडियो, पोस्ट, टिप्पणियों एवं डिजिटल सामग्री का परीक्षण कराने,जाँच में तथ्य एवं साक्ष्य पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य लागू विधिक प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने,संबंधित सोशल मीडिया खातों एवं डिजिटल चैनलों की जाँच हेतु साइबर सेल को आवश्यक निर्देश जारी करने, सार्वजनिक शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने हेतु आवश्यक निवारक कदम उठाने, कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री, कंटेंट व सम्बधितों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने,की मांग की।जहा उन्होंने जनहित, विधि-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द की रक्षा को दृष्टिगत रख, इस आवेदन पर यथाशीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक जाँच एवं विधिसम्मत कार्यवाही करने की मांग की है।
एफआईआर दर्ज कर की जाए कड़ी कार्यवाही- शमशेर हक
ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान जामा मस्जिद ईमाम मोहम्मद शमशेर हक ने बताया कि आए दिनों हमारे नबी की शान में कोई भी गुस्ताखी करके निकल जाता है, इसके विरोध में कानूनी कार्यवाही की मांग को लेकर आज हम थाने आए हैं। एक नाजिया इलाही खान नामक महिला ने नबी की शान में गुस्ताखी की है उस पर कानूनी कार्यवाही की जाए, ताकि आइंदा कोई भी नबी की शान में गुस्ताखी ना कर सके।उन्होंने बताया कि जब से नाजिया इलाही ने भड़काऊ बयान दिया है, तब से पूरे देश में जगह-जगह लोग प्रदर्शन कर थाने में एफआईआर के लिए आवेदन कर रहे हैं कार्यवाही की मांग कर रहे हैं,लेकिन अब तक नाजिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्यवाही नहीं की गई है। हमारी मांग है कि नाजिया पर संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्यवाही कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि इस कार्यवाही से लोग सबक लेकर आगे से कोई भी ऐसी हरकत ना करे।
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