बरेली कैंट में ‘नोटिस-नोटिस’ का खेल
7 महीने से अवैध निर्माण पर सिर्फ कागजी कार्रवाई, जिम्मेदार मौन

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : बरेली छावनी परिषद की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सदर बाजार स्थित मकान संख्या 266-पार्ट में कथित अवैध निर्माण को लेकर परिषद ने सात महीने के अंतराल में दूसरा नोटिस जारी किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता निभा रहा है।
क्या है मामला?
छावनी परिषद बरेली की मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन द्वारा 13 जून 2026 को श्री कल्लू कुरैशी के नाम REMINDER-1 जारी किया गया। नोटिस में कहा गया है कि मकान संख्या 266-पार्ट, सदर बाजार में बिना अनुमति निर्माण कार्य किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में पहला नोटिस 6 नवंबर 2025 को जारी किया गया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी और सात महीने बाद केवल अनुस्मारक जारी किया गया है।
नोटिस में क्या कहा गया?
नवीनतम नोटिस में पांच दिन के भीतर अवैध निर्माण हटाने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी गई है कि अनुपालन न होने पर बिना किसी अतिरिक्त सूचना के संबंधित निर्माण को सील करने एवं आवश्यक कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसका खर्च संबंधित पक्ष से वसूला जाएगा।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
सदर बाजार क्षेत्र के कई व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि कैंट क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया अत्यधिक धीमी है। उनका आरोप है कि नोटिस, रिमाइंडर और अंतिम चेतावनी की लंबी प्रक्रिया के दौरान अधिकांश निर्माण पूर्ण हो जाते हैं।
उठ रहे हैं महत्वपूर्ण सवाल
पहले नोटिस के सात महीने बाद ही रिमाइंडर जारी करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
यदि निर्माण नियमों के विरुद्ध था, तो नवंबर 2025 में तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
क्या निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद वास्तव में सीलिंग की कार्रवाई होगी या फिर एक और नोटिस जारी किया जाएगा?
छावनी क्षेत्र में भवन निर्माण संबंधी नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर अब गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
(नोट: इस संबंध में छावनी परिषद का आधिकारिक पक्ष प्राप्त करने का प्रयास किया गया। पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)



