जालौन
शासन ने अवैध रूप से संचालित स्कूल, कोचिंग और लाइब्रेरी की सील
उरई के स्टेशन रोड एवं करमेर रोड क्षेत्र में चला सघन अभियान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई (जालौन)। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को नगर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित शिक्षण संस्थानों के विरुद्ध बड़ा अभियान चलाते हुए कई स्कूल, कोचिंग संस्थानों और एक लाइब्रेरी को सील कर दिया। नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में उरई विकास प्राधिकरण की इंफोर्समेंट टीम, क्षेत्राधिकारी नगर राजीव कुमार शर्मा तथा बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने स्टेशन रोड क्षेत्र में व्यापक जांच और सीलिंग अभियान चलाया। कार्रवाई से संबंधित क्षेत्रों में पूरे दिन हलचल का माहौल बना रहा।
अभियान के दौरान सबसे पहले पंजाब नेशनल बैंक के सामने स्थित गली में एक ही भवन में संचालित मास्टरमाइंड वल्र्ड पब्लिक स्कूल और जी.एस. कैरियर इंस्टीट्यूट की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में आवश्यक मानकों एवं नियमों के उल्लंघन की आशंका के चलते प्रशासन ने दोनों संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। इसके बाद टीम ने सोम फैक्चर के समीप शिक्षा फाउंडेशन नाम से संचालित कोचिंग संस्थान पर कार्रवाई की। निरीक्षण के उपरांत इस संस्थान को भी सील कर दिया गया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक अनुमति एवं निर्धारित मानकों का पालन किए संचालित होने वाले संस्थानों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान का अगला चरण हाथी मंदिर के पास स्थित सुमन प्लाजा के बेसमेंट में संचालित मेंटरशिप प्लस लाइब्रेरी तक पहुंचा। प्रशासनिक टीम ने वहां भी जांच करते हुए सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल तैनात रहा जिससे पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। मौके पर नगर मजिस्ट्रेट, उरई विकास प्राधिकरण की इंफोर्समेंट टीम, क्षेत्राधिकारी नगर राजीव कुमार शर्मा, बिजली विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने संबंधित संचालकों से आवश्यक अभिलेखों और स्वीकृतियों की भी जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण बिना अनुमति संचालित संस्थानों तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल कार्रवाई जारी है और जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी तथा सीलिंग के कारणों का विस्तृत विवरण जारी किया जाना शेष है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई और आधिकारिक बयान पर टिकी हुई हैं।

