सिंगरौली

ज़िला अस्पताल या लापरवाही का अड्डा? 

ड्यूटी छोड़ टपरी पर 'धुआं' उड़ा रहे डॉक्टर, तड़प रहे मरीज़!

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली :  ज़िला अस्पताल के ट्रामा सेंटर से संवेदनहीनता और घोर लापरवाही का एक ऐसा शर्मनाक वीडियो सामने आया है, जो सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है। जहाँ एक तरफ अस्पताल में अपनी जान की भीख मांगते हुए, सांप काटने (Snake Bite) से पीड़ित मरीज़ और उनके परिजन बदहवास होकर डॉक्टर को ढूंढ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर साहब अस्पताल से नदारद होकर पास की एक टपरी पर आराम से सिगरेट के कश लगा रहे हैं।
 तड़पते मरीज़ और संवेदनहीन डॉक्टर
मामला ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी ड्यूटी डॉक्टर अभिषेक राव का है। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि डॉक्टर ड्यूटी के समय अस्पताल परिसर को छोड़कर बाहर टपरी पर बैठे हुए हैं। जब उनसे ड्यूटी पर होने और मरीज़ों के बारे में सवाल किया गया, तो वे अपनी गलती मानने के बजाय कैमरे के सामने सिगरेट छुपाते और बहस करते नज़र आए। अस्पताल के भीतर कई घंटों से लोग इलाज के इंतजार में खड़े हैं, जिनमें एक मासूम बच्चा और गंभीर हालत के मरीज़ भी शामिल हैं।
 पोस्टमार्टम के नाम पर परिजनों को किया जा रहा परेशान
अस्पताल की लाचारी यहीं ख़त्म नहीं होती। एक मर्डर केस में मृतक की बॉडी सुबह से अस्पताल में पड़ी हुई थी। परिजनों का आरोप है कि यहाँ पोस्टमार्टम करने के बजाय, डॉक्टर और प्रशासन ने अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए शव को रीवा रेफर कर दिया। जब डॉक्टर से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दलील दी कि बॉडी डीकंपोज़ (खराब) हो चुकी है और यहाँ फॉरेंसिक जांच की सुविधा नहीं है। वहीं परिजनों का कहना है कि उन्हें केवल परेशान करने के लिए इधर से उधर भटकाया जा रहा है।
बड़ा सवाल
 जब इमरजेंसी वार्ड में ‘ज़िंदगी और मौत’ के बीच झूलते मरीज़ डॉक्टरों का इंतज़ार कर रहे हों, तब ऐसे ज़िम्मेदार पद पर बैठे डॉक्टर का ड्यूटी छोड़कर सिगरेट पीना और अपनी हरकतों को सही ठहराना कहाँ तक जायज़ है? क्या प्रशासन ऐसे लापरवाह डॉक्टरों पर कोई सख्त कार्रवाई करेगा या फिर मरीज़ यूँ ही राम भरोसे छोड़ दिए जाएंगे?
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