ललितपुर
जमीन कब्जाने का विरोध करने पर ग्राम प्रधान समेत सात पर गंभीर आरोप
महिला ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

कट्टा लगाकर अपहरण की कोशिश, घर में घुसकर अभद्रता कर धमकाने का आरोप
पुलिस पर कार्रवाई न करने का भी लगाया आरोप
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। जिले के पूराकलां थाना क्षेत्र के ग्राम छोटे बाबा खिरक में जमीन विवाद को लेकर एक महिला ने ग्राम प्रधान समेत सात नामजद और दो अज्ञात लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। पीडि़ता का आरोप है कि दबंगों ने जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाते हुए उसके पति पर जानलेवा हमला किया, कट्टा लगाकर अपहरण का प्रयास किया तथा बाद में घर में घुसकर महिला के साथ अभद्रता कर धमकी दी। वहीं पीडि़ता ने स्थानीय पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया है। जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में ग्राम छोटे बाबा खिरक निवासी भूरी पत्नी विजय ने बताया कि गांव के वर्तमान ग्राम प्रधान बृजेन्द्र यादव पुत्र साकूलाल, उनके पुत्र अंशुल यादव एवं रानू यादव, चालक रमेश पुत्र श्रीराम, डिब्बू पुत्र रामसिंह, संजीव पुत्र शोभाराम तथा दो अज्ञात व्यक्ति लगातार उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं। पीडि़ता का कहना है कि आरोपी उसके पति पर बहनोई के हिस्से की जमीन अपने नाम रजिस्ट्री कराने का दबाव बना रहे हैं। परिवार द्वारा इनकार करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। शिकायत के अनुसार, 8 जुलाई 2026 की सुबह करीब नौ बजे जब पीडि़ता के पति विजय पृथ्वीपुर जा रहे थे, तभी बटुआ घाट के पास आरोपियों ने स्कॉर्पियो वाहन से उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने विजय की कनपटी पर कट्टा लगाकर जबरन वाहन में बैठाने का प्रयास किया और जमीन अपने नाम न कराने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीडि़ता के अनुसार, राहगीर पवन निवासी शंकरगढ़ सहित अन्य लोगों के पहुंचने पर आरोपी मौके से भाग गए। आरोप लगाया कि इसके बाद 11 जुलाई की रात करीब नौ बजे आरोपी हथियारों और लाठी-डंडों से लैस होकर उसके घर पहुंचे। दरवाजा खुलवाकर गाली-गलौज की और पति तथा देवर का पता न बताने पर उसे निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाने की धमकी दी। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे देवर बलराम और हाकम के साथ भी मारपीट का प्रयास किया गया। परिवार ने किसी तरह दरवाजा बंद कर अपनी जान बचाई। शिकायती पत्र में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों का क्षेत्र में इतना दबदबा है कि कोई भी ग्रामीण उनके खिलाफ गवाही देने को तैयार नहीं होता। उसने यह भी कहा कि 12 जुलाई को पूराकलां थाने में शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपियों के हौसले और बढ़ गए हैं। जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ग्राम प्रधान सहित सभी आरोपियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।



