जालौन

बालिका शिक्षा की नींव में लगी अव्यवस्थाओं की दीमक देख बीएसए ने बार्डनों को दी चेतावनी

 मजाक बनकर रह गए जिले के कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय

बेसुमार धन खर्च होने के बाद भी नतीजे सिफर नजर आ रहे
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई (जालौन)। जनपद में गरीब बालिकाओं को निःशुल्क आवासीय शिक्षा देकर उनके सुनहरे भविष्य की बुनियाद यहां जनपद के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में लंबे समय से मखौल बनी हुयी है। हालांकि अब बालिका शिक्षा की नींव में लगी अव्यवस्थाओं की दीमक देख बीएसए विकास चैधरी ने बालिका विद्यालयों की सभी बार्डन को सख्त चेतावनी देकर उन्हें अपने विद्यालयों में सुधार करने के निर्देश दिये हैं। अब यह तो समय ही बतायेगा कि क्या वास्तव में बालिका विद्यालयों में चल रहा पुराना ढर्रा खत्म होगा या फिर यूं ही चलता रहेगा यह तो समय ही बतायेगा।
गौरतलब हो कि जनपद में 8 विकासखंडों में कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालयों का संचालन पिछले कई वर्षों से संचालित हो रहे है। जहां गरीब बालिकाओं को निःशुल्क आवासीय शिक्षा मुहैया करायी जाती है। लेकिन बालिका अवासीय विद्यालयों में लंबे समय से अव्यवस्थाओं का बोलबाला देखा गया ऐसा वहां पर पढ़ने वाली छात्राओं द्वारा बताया जाता रहा और समय-समय पर अधिकारियों को शिकायत भी। वहीं सूत्रों की मानें तो ज्यादातर बालिका विद्यालयों की बार्डन रात्रि में विद्यालयों में न रुककर शाम ढलते ही अपने निजी आवासों में चैन की सांस लेती है। यह ऐसा विषय है जिसको लेकर अब तक जिम्मेदार अधिकारी नजरंदाज करते रहे। जब इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी विकास चैधरी का ध्यान आकर्षित कराया तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अब यह ढर्रा नहीं चलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बालिकाओं की शिक्षा का मखौल बनाने वाली बार्डनों को अंतिम चेतावनी दी गयी है इसका असर सप्ताह भर में दिखना शुरू हो जायेगा। प्रत्येक बालिका विद्यालय की बार्डन रात्रि अपने-अपने विद्यालयों में गुजारेगी यदि ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित बार्डन के विरुद्ध कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। अब देखने वाली बात यह होगी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की यह सीख बालिका विद्यालयों की बार्डन कितना फालो करेंगी यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।
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