कानपुर
जॉनसेन टी. जॉन ने अपने सभी कथित हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक/हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराने की मांग करी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कानपुर : बहुचर्चित एपिफेनी चुन्नी गंज व चर्च ऑफ इंडिया ट्रस्ट (14/137 खलासी लाइन, सिविल लाइंस, कानपुर की अरबों रुपये की कीमती भूमि धोखाधड़ी मामले में दिनांक 25 जुलाई 2026 को एक बहुत बड़ा व चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। प्राप्त आधिकारिक दस्तावेजों एवं एफ.आई.आर. (प्र.सू.रि. सं. 0002/2022, थाना कोतवाली, कमिश्नरेट कानपुर नगर, धारा 120-B, 420, 467, 468, 471 भा.दं.सं.) के विस्तृत अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि इस पूरे भू-माफिया गिरोह व फर्जी दस्तावेज तैयार करने के षड्यंत्र का असली मुख्य आरोपी डी. के. सिंह (धीरेन्द्र कुमार सिंह), निवासी 67 रामपुरम, श्याम नगर, कानपुर है। डी. के. सिंह और उसके साथियों द्वारा सुनियोजित तरीके से कूटरचित (जाली) विक्रय अनुबंध, पावर ऑफ अटॉर्नी एवं फर्जी प्रस्ताव तैयार किए गए। इस पूरे संगठित षड्यंत्र में जॉनसेन टी. जॉन को बलि का बकरा बनाकर झूठे मुकदमे में फंसाया गया है, ताकि असली भू-माफिया पर्दे के पीछे छिपे रहें और न्यायालय में होने वाली निष्पक्ष गवाही को दबाया जा सके। जॉनसेन टी. जॉन (जान-टी-जान) का आधिकारिक बयान आया है कि “मुझे इस पूरे मामले में पूरी तरह निर्दोष होते हुए भी एक गहरी आपराधिक साजिश के तहत फंसाया गया है। मैंने किसी भी अवैध बिक्री, कूटरचित इकरारनामे या पावर ऑफ अटॉर्नी पर कही भी कोई सिग्नेचर (हस्ताक्षर) नहीं किए हैं। मेरे फर्जी दस्तखत व कूटरचित दस्तावेज डी. के. सिंह और उसके गिरोह द्वारा तैयार किए गए हैं। अदालत व जांच एजेंसियों के समक्ष मेरी महत्वपूर्ण गवाही होनी तय है। इस गवाही से डी. के. सिंह और गिरोह के अन्य प्रभावशाली भू-माफियाओं का पर्दाफाश होना निश्चित है। इसी गवाही को रोकने, मुझे डराने-धमकाने और कानूनी प्रक्रिया को भटकाने के उद्देश्य से मेरी छवि को धूमिल किया जा रहा है और मुझे मुख्य अभियुक्त के रूप में प्रोजेक्ट करने की कोशिश की जा रही है। खलासी लाइन, कानपुर की 16,000 वर्ग गज चर्च संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के लिए फर्जी ई-स्टाम्प व पावर ऑफ अटॉर्नी बनाई गई। मुख्य षड्यंत्रकारी की पहचान कानपुर निवासी धीरेन्द्र कुमार सिंह (डी. के. सिंह) पुत्र स्व. राम पाल सिंह, निवासी 67 रामपुरम, श्याम नगर, कानपुर इस फर्जीवाड़े का मुख्य सूत्रधार व गवाह/संचालक है जॉनसेन टी. जॉन की होने वाली अदालत की गवाही से बौखलाकर आरोपी गिरोह द्वारा साक्ष्यों से छेड़छाड़ और गवाहों पर दबाव बनाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। जॉनसेन टी. जॉन ने अपने सभी कथित हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक/हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराने की मांग की है, जिससे यह सिद्ध हो सके कि उन्होंने कभी कोई हस्ताक्षर नहीं किए। जॉनसेन टी. जॉन एवं उनके विधिक प्रतिनिधियों ने शासन, पुलिस प्रशासन (कमिश्नरेट कानपुर नगर) एवं माननीय न्यायालय से गुहार लगाई है कि मुख्य आरोपी डी. के. सिंह एवं उसके गिरोह के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा जॉनसेन टी. जॉन को सुरक्षा प्रदान करते हुए उनकी गवाही को बिना किसी भय के दर्ज कराया जाए।



