मथुरा

वृंदावन के प्रसिध्द श्रीरंगनाथ मंदिर में गजेंद्र मोक्ष लीला का भव्य मंचन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। वृंदावन के प्रसिद्ध श्रीरंगनाथ मंदिर में  परंपरागत गजेंद्र मोक्ष (गज-ग्राह) लीला का भव्य मंचन किया गया। पौराणिक मान्यता के अनुसार सतयुग में एक बार जलाशय में स्नान कर रहे गज (हाथी) को ग्राह (मगरमच्छ) ने पकड़ लिया था। लंबे संघर्ष के बाद जब गज स्वयं को छुड़ा नहीं सका तो उसने आर्त भाव से भगवान को पुकारा। भक्त की करुण पुकार सुनकर भगवान श्रीरंगनाथ बिना चरण पादुका धारण किए गरुड़ पर सवार होकर पहुंचे और सुदर्शन चक्र से ग्राह का वध कर गज की रक्षा करते हुए ग्राह को भी मोक्ष प्रदान किया। इसी प्रसंग का मंचन मंदिर में प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर किया जाता है। करीब आधे घंटे तक चली इस लीला के समापन पर भगवान श्रीरंगनाथ द्वारा ग्राह वध का दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद मंदिर परिसर भगवान श्रीरंगनाथ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर दर्शन किए। अंत में भगवान की कुंभ आरती संपन्न हुई और दिव्य सवारी मंदिर परिक्रमा करते हुए पुनः गर्भगृह में विराजमान हो गई। मंदिर के अनुज स्वामी ने बताया कि श्रीरंगनाथ मंदिर में वर्षभर उत्सवों की परंपरा निभाई जाती है। यहां प्रतिदिन किसी न किसी स्वरूप में उत्सव आयोजित होने के कारण इसे दिव्यदेश की मान्यता प्राप्त है। उन्होंने बताया कि मंदिर की स्थापना काल से ही गजेंद्र मोक्ष लीला का मंचन होता आ रहा है। पुराणों में वर्णित यह प्रसंग भगवान और भक्त के अटूट संबंध तथा भक्त की पुकार पर भगवान द्वारा उसकी रक्षा के संदेश को दर्शाता है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button