असम के कामरूप में विश्व मानव तस्करी निरोधक दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम।
सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई का आह्वान।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम : विश्व मानव तस्करी निरोधक दिवस-2026 के अवसर पर गुरुवार को असम के कामरूप ज़िले के एकीकृत ज़िला आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन संकल्प: जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (DHEW), कामरूप की ओर से एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में जिला आयुक्त देव कुमार मिश्र ने मानव तस्करी और डायन-अपवाद जैसी सामाजिक बुराइयों के संभावित कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं की रोकथाम के लिए तस्करी-प्रवण और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, जनजागरूकता और शिक्षा का प्रभावी उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभागों, संगठनों और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के संयुक्त प्रयास से मानव तस्करी-मुक्त और सुरक्षित समाज बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में मिशन शक्ति के उद्देश्य, लक्ष्यों और उसके तहत संचालित विभिन्न योजनाओं पर प्रस्तुति दी गई, जिससे प्रतिभागियों को महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और कल्याणकारी व्यवस्थाओं की जानकारी मिली। गुवाहाटी उच्च न्यायालय की अधिवक्ता हरिप्रिया राजबंसी ने मानव तस्करी रोकथाम और डायन-अपवाद उन्मूलन से जुड़ी राज्य नीतियों, लागू कानूनों, मौजूदा चुनौतियों तथा अंतर-विभागीय समन्वय और जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उप पुलिस अधीक्षक टिंकुज्योति चौधरी ने मानव तस्करी रोकथाम में पुलिस की भूमिका, AHTU के बचाव अभियानों, जांच, पुनर्वास और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय पर प्रकाश डाला। सहायक LADC ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) समय-समय पर मानव तस्करी और अन्य सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाता है और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता देने के लिए हमेशा तैयार रहता है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी दी गई और किसी भी बच्चे को सहायता, देखभाल या सुरक्षा की आवश्यकता होने पर तुरंत संपर्क करने की अपील की गई। कार्यक्रम में कामरूप जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ गोस्वामी, अतिरिक्त जिला आयुक्त गीताश्री लाचित, मुख्य विधिक सहायता रक्षा परामर्शदाता, जिला समाज कल्याण अधिकारी, विभिन्न बाल विकास परियोजना अधिकारी, अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे।


