बाराबंकी

रसौली राजबहा की कटान बनी किसानों की तबाही

250 बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न, मुआवजे की उठी मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

बाराबंकी। मसौली विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के पास चौपला से निकली रसौली रजबहा में हुई भीषण कटान ने सैकड़ों किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। नहर का किनारा कटने के बाद तेज बहाव खेतों की ओर मुड़ गया, जिससे करीब ढाई सौ बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न हो गई। पानी लगातार फैल रहा है और नुकसान का दायरा बढ़ने से दादरा, मिर्जापुर, डमौरा समेत आसपास के गांवों के किसान गहरी चिंता में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में नहर में मामूली कटाव हुआ था, लेकिन समय रहते सिंचाई विभाग द्वारा मरम्मत नहीं कराई गई। धीरे-धीरे कटान बढ़ता गया और आखिरकार नहर टूट गई। इसके बाद पानी ने खेतों का रुख कर लिया और देखते ही देखते हरे-भरे धान के खेत तालाब में तब्दील हो गए। कई किसानों की पूरी फसल पानी में डूब चुकी है, जबकि अन्य खेतों में भी जलभराव लगातार बढ़ रहा है।
किसानों का कहना है कि इस वर्ष बारिश कम होने के कारण उन्होंने डीजल इंजन चलाकर खेतों में पानी पहुंचाया, महंगे बीज, खाद और मजदूरी पर भारी खर्च किया और बड़ी मुश्किल से धान की रोपाई की थी। अब फसल डूबने से उनकी महीनों की मेहनत और लाखों रुपये की लागत पर संकट खड़ा हो गया है।
किसान राम सिंह ने बताया, “कटान जब छोटी थी, तभी अगर विभाग ने ध्यान दे दिया होता तो आज इतनी बड़ी तबाही नहीं होती। हमने ग्रामीणों के साथ मिलकर कटान रोकने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ नहीं कर सके। अब पूरा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।”
किसान शिवकुमार वर्मा ने कहा, “हमने कर्ज लेकर और डीजल इंजन से सिंचाई करके धान की रोपाई की थी। आज पूरी फसल पानी में डूब गई है। अगर सरकार ने जल्द सर्वे कराकर मुआवजा नहीं दिया तो किसानों के सामने परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।”
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मौके पर पहुंचकर नहर की मरम्मत कराई जाए, जलभराव रोकने के प्रभावी इंतजाम किए जाएं और प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कर शीघ्र मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है तथा सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा जाएगा।
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