गाजियाबाद
बारिश से प्राइवेट स्कूल जलमग्न, बच्चे जलभराव के बीच स्कूल में कैद
शिकायत के बावजूद नगरपालिका ने नहीं कराई पानी निकासी, गंदे पानी से बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लगातार हुई बारिश ने नगर पालिका परिषद लोनी की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। शिव विहार स्थित अमर ज्योति स्कूल (रंजीत गेट, पावी सादकपुर) का परिसर बारिश के पानी से पूरी तरह जलमग्न हो गया। हालात इस कदर खराब हैं कि स्कूल परिसर किसी तालाब का रूप ले चुका है और विद्यार्थियों को जलभराव के बीच आवागमन करना पड़ रहा है।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने के लिए लंबे समय से नगरपालिका अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया। बारिश होते ही स्कूल परिसर में पानी भर जाता है। इस बार भी स्थिति गंभीर होने पर विद्यालय प्रबंधन ने संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, मगर इसके बावजूद पानी की निकासी के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
जलभराव के कारण गंदा पानी स्कूल के कमरों और कक्षाओं तक पहुंच गया, जिससे छोटे-छोटे बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बच्चों को स्कूल परिसर से बाहर निकालने के लिए ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ा। आसपास फैली गंदगी और दूषित पानी के चलते मलेरिया, डेंगू तथा अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
विद्यालय के प्रबंधक एवं सेवानिवृत्त भारतीय वायुसेना कर्मी देवेंद्र कुमार का कहना है कि वह कई वर्षों से स्कूल के सामने स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नगरपालिका अधिकारियों द्वारा समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया। उन्होंने बताया कि लगातार जलभराव के कारण स्कूल की दीवारों को भी नुकसान पहुंच रहा है और भवन की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
देवेंद्र कुमार ने कहा कि यदि किसी पूर्व सैनिक और शिक्षण संस्थान की समस्या का भी समय पर समाधान नहीं हो सकता, तो आम नागरिकों की परेशानियों का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। उन्होंने नगरपालिका अधिकारियों से तत्काल पानी की निकासी कराने तथा भविष्य में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्थायी नाली निर्माण की मांग की है।
शिकायत के बाद भी नहीं जागी नगरपालिका
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि मामले की जानकारी उपजिलाधिकारी लोनी सहित नगरपालिका के अधिकारियों को भी दी गई थी। इसके बावजूद अभी तक जलनिकासी के लिए स्थायी कार्य शुरू नहीं हुआ। कॉलोनीवासियों का भी आरोप है कि बरसात शुरू होते ही विकास कार्यों और जलनिकासी व्यवस्था के दावे धरातल पर बेअसर नजर आने लगते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान सड़कें और स्कूल परिसर जलमग्न हो जाते हैं, जबकि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा प्रभावित होती है। गंदे पानी के बीच से होकर बच्चों को स्कूल पहुंचना पड़ता है। ऐसे में अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई है।
बारिश आते ही खुल जाती है विकास के दावों की पोल
जलभराव की यह स्थिति नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है। एक ओर शहर के विकास और बेहतर जलनिकासी व्यवस्था के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर बारिश होते ही स्कूल और रिहायशी इलाकों में पानी भर जाता है।
अब सवाल यह है कि बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले पर नगरपालिका कब गंभीरता दिखाएगी? क्या जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था के लिए नाली का निर्माण कराया जाएगा या फिर हर बारिश के बाद अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाएगा?


