बरेली
घरौनी कागजों में बाटी गई, अन्न भंडारण फाइलों में
यूपी में ग्रामीण संपत्ति कार्ड बांटने के बाद भी बैंक ऋण नहीं

12 जिलों में प्रस्तावित पैक्स गोदामों में सिर्फ एक पूरा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। लोकसभा में सपा सांसद नीरज मौर्य, देवेश शाक्य व रुचि वीरा के सवालों से यूपी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दो बड़ी तस्वीरें सामने आईं। केंद्र के जवाब के अनुसार 5 अगस्त 2026 तक देश में 2.72 करोड़ घरौनी बंटीं, जिनमें यूपी में 1.04 करोड़ से अधिक हैं। पर यूपी में प्रॉपर्टी कार्ड के आधार पर एक भी बैंक ऋण नहीं मिला। जबकि राजस्थान, एमपी, गुजरात समेत 7 राज्यों में 11,147 खातों में 1713.68 करोड़ का ऋण बंटा। दूसरी ओर विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना में यूपी के चिह्नित 12 जिलों में केवल मिर्जापुर का पैक्स गोदाम बना है। शेष 11 में निर्माण लंबित है। सरकार ने कारण राज्य स्तर पर देरी और भूमि की अनुपलब्धता बताया।
लोकसभा में उठे सवालों ने पूछा कि योजना की सफलता कागजों से नहीं, जमीनी लाभ से मापी जाए।



