गाजियाबाद
जर्जर छत हादसे में जान गंवाने वाले मुकेश का शव परिजनों को सौंपा
घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे से अचेत अवस्था में निकाला गया था युवक, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र की गुलाब वाटिका कॉलोनी में स्थित पारस हार्डवेयर एंड सैनेटरी की जर्जर छत गिरने से मलबे में दबकर जान गंवाने वाले 22 वर्षीय मुकेश यादव का मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए उसके पैतृक गांव बतनिकापूर्वा, बाराबंकी लेकर रवाना हो गए।
गौरतलब है कि सोमवार शाम करीब 4:45 बजे गुलाब वाटिका कॉलोनी में मेन दिल्ली-सहारनपुर मार्ग स्थित पारस हार्डवेयर एंड सैनेटरी की तीन मंजिला इमारत की छत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे के समय दुकान में मौजूद कई युवक मलबे की चपेट में आ गए थे। सूचना मिलते ही लोनी बॉर्डर और ट्रॉनिका सिटी फायर स्टेशन से फायर टेंडर तथा वैशाली फायर स्टेशन से डिजास्टर एवं रेस्क्यू वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
मौके पर पहुंची राहत एवं बचाव टीम ने पाया कि गाटर-पट्टी से बनी करीब 60×20 फीट की तीन मंजिला इमारत में हार्डवेयर का भारी सामान भरा हुआ था। छत और ऊपरी मंजिलों का मलबा नीचे गिरने से दुकान में रखा सामान भी मलबे में दब गया था। हादसे में दबे तीन युवकों को पहले ही बाहर निकालकर अस्पताल भेज दिया गया था। इनमें एक की हालत गंभीर होने पर उसे जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया था।
इसी दौरान मलबे में काफी नीचे फंसे मुकेश यादव को बाहर निकालने के लिए बचाव दल ने घंटों अभियान चलाया। फायर सर्विस, पुलिस, नगर पालिका कर्मचारियों और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया। प्रशासन के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मुकेश को अचेत अवस्था में मलबे से बाहर निकाला गया और तत्काल एंबुलेंस से जीटीबी अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी, उपजिलाधिकारी लोनी, एसीपी अंकुर विहार, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लोनी बॉर्डर व अंकुर विहार थाना पुलिस सहित नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। बाद में एनडीआरएफ की टीम ने अत्याधुनिक लाइफ डिटेक्टर उपकरण और प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड की मदद से मलबे की गहन जांच की। रात करीब 11 बजे अभियान पूरा कर यह सुनिश्चित किया गया कि मलबे में कोई अन्य व्यक्ति फंसा नहीं है। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जर्जर भवन को सील कर दिया गया।
बाराबंकी स्थित पैतृक गांव ले गए शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे पुलिस ने मुकेश का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए उसके पैतृक गांव बतनिकापूर्वा, बाराबंकी लेकर रवाना हो गए। वहीं, हादसे के संबंध में पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थानीय थाना प्रभारी और एसीपी अंकुर विहार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। अब देखना होगा कि इस मामले में पुलिस जांच के बाद दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।

