
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। नगर थाना परिसर में एसपी मुकेश कुमार ने प्रेसवार्ता का आयोजन किया। एसपी ने बताया कि बंगाल ज्वेलर्स लूटकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गोड्डा पुलिस ने अनुसंधान के दौरान कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर लूट और चोरी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि 8 जुलाई को गोड्डा नगर थाना क्षेत्र स्थित बंगाल ज्वेलर्स में हुई लूट की घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था। मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पहले ही दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज चुकी थी। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि लूटकांड में शामिल एक अन्य आरोपी दुमका जिले के बासुकीनाथ में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर एसआईटी ने 13 अगस्त को छापेमारी कर चंद्रशेखर कुमार साह उर्फ पुरन साह को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बंगाल ज्वेलर्स लूटकांड के साथ-साथ जामताड़ा, बौंसी, नौनीहाट व तालझारी में हुई जेवर दुकानों की लूट की साजिश में शामिल होने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने यह भी बताया कि अलग-अलग स्थानों से लूटे गए जेवर को गोड्डा और बौंसी के विभिन्न ज्वेलर्स के माध्यम से कम कीमत पर बेचा गया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से सोना और चांदी बरामद की।पुलिस ने इस मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद सामान में बौंसी के श्रवण ज्वेलर्स से 28 ग्राम गलाया हुआ सोना और 3.05 किलोग्राम गलाया हुआ चांदी, अमन सर्राफ के पास से 114 ग्राम चांदी, उत्तम कुमार के पास से 10 ग्राम सोना, धननंजय गायकवाड़ उर्फ राजू के पास से 1.5 किलोग्राम चांदी और पवन कुमार के पास से 355 ग्राम चांदी शामिल है। पुलिस ने इस मामले में गोड्डा नगर थाना कांड संख्या 148/2026 दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। गोड्डा पुलिस ने जिले के सभी जेवर प्रतिष्ठानों के संचालकों को सख्त चेतावनी दी है कि लूट, डकैती या चोरी से प्राप्त आभूषणों को खरीदना, बेचना, छिपाना या उसका निपटारा करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि चोरी और लूट की घटनाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। छापेमारी टीम में एसडीपीओ आकाश भारद्वाज, पुलिस निरीक्षक दिनेश कुमार महली, मधुसूदन मोदक, पुलिस अवर निरीक्षक मनोहर कुमार, शिवदयाल सिंह, महावीर पंडित, आनंद साह, मुकेश रावत, मनीष कुमार, मनोज कुमार पाल, अंकित कुमार झा, रोहित कुमार यादव, भोलानाथ दास, विपिन विपिन कुमार यादव के अलावा तकनीकी शाखा एवं सशस्त्र बल शामिल थे।



