फोर्टिस ओखला में एक ही सर्जिकल प्रक्रिया से तीन गंभीर बीमारियों का सफल उपचार।

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
नई दिल्ली। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, ओखला के डॉक्टरों ने 64 वर्षीय मरीज की तीन गंभीर और जीवनघाती स्वास्थ्य समस्याओं का एक ही अस्पताल प्रवास के दौरान सफल उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मरीज की क्षतिग्रस्त महाधमनी, हृदय के एओर्टिक वाल्व में गंभीर रिसाव और बायीं किडनी में कैंसरयुक्त ट्यूमर का उपचार एक साथ किया गया।
मरीज अस्पताल में सांस लेने में तकलीफ और मामूली गतिविधियों पर भी हांफने की शिकायत के साथ पहुंचे थे। जांच में उनकी महाधमनी में गंभीर क्षति, एओर्टिक वाल्व में रिसाव और बायीं किडनी में कैंसर का पता चला। डॉक्टरों के अनुसार, किसी भी उपचार में देरी मरीज के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती थी।
मल्टी-स्पेश्यलिटी मेडिकल टीम ने पहले ओपन-हार्ट सर्जरी के जरिए खराब वाल्व की मरम्मत की और क्षतिग्रस्त महाधमनी को एडवांस ‘फ्रोजन एलीफेंट ट्रंक’ ग्राफ्ट तकनीक से दुरुस्त किया। इसके बाद यूरोलॉजी टीम ने रोबोट-असिस्टेड सर्जरी के माध्यम से किडनी के कैंसरयुक्त ट्यूमर को निकाल दिया और किडनी के स्वस्थ हिस्से को सुरक्षित रखा।
डॉ. शिव कुमार चौधरी, एग्जीक्युटिव डायरेक्टर, एडल्ट कार्डियो थोरेसिक एंड वास्क्युलर सर्जरी, ने बताया कि इतनी जटिल हृदय और कैंसर सर्जरी को एक ही ऑपरेशन में करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा कि एडवांस ग्राफ्ट तकनीक से महाधमनी की मरम्मत एक ही चरण में संभव हुई, जिससे भविष्य में दूसरी बड़ी हृदय सर्जरी की आवश्यकता कम हो गई।
डॉ. मिलिंद पदमाकर होते और डॉ. पंकज पंवार ने बताया कि कार्डियक और यूरोलॉजी टीमों के बीच बेहतर समन्वय के कारण मरीज का उपचार एक ही चरण में संभव हुआ। रोबोटिक सर्जरी से कैंसर ट्यूमर को सटीकता के साथ निकालते हुए स्वस्थ किडनी टिश्यू को बचाया गया, जिससे रक्तस्राव और सर्जिकल तनाव भी कम हुआ।
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, ओखला के वाइस प्रेसीडेंट एवं फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. विक्रम अग्रवाल ने कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल की मल्टी-डिसीप्लीनरी टीमों के बीच असाधारण तालमेल को दर्शाती है। उपचार के बाद मरीज की सांस लेने की समस्या में सुधार हुआ और हृदय की कार्यक्षमता भी बेहतर हुई। पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी संतोषजनक रहने के बाद मरीज को स्थिर अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।


