
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
हजारीबाग झम-झमाकर हुए उद्घाटन के दावे पहली ही बारिश में पानी-पानी हो गए। हजारीबाग जिले के चुरचू प्रखंड अंतर्गत चुरचू पंचायत के लारा से झुमरी तक जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) मद से बनी पीसीसी सड़क की असलियत पहली बारिश ने ही सामने लाकर रख दी है।
जिस सड़क का उद्घाटन मांडू विधायक ने बड़े ही धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ किया था, वह पहली बारिश में ही जगह-जगह से उखड़ गई है। ठेकेदार ने जिस तत्परता और कम समय में काम पूरा कर जनता को समर्पित करने का दावा किया था, उसकी पोल पहली ही बारिश ने खोल दी है। जल्दबाजी या घटिया निर्माण। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने वाहवाही लूटने और बिल भुगतान कराने के चक्कर में जल्दबाजी में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया। सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता के मानकों को ताक पर रख दिया गया। नतीजा यह हुआ कि बारिश का पानी पड़ते ही सड़क की गिट्टियां बाहर निकल आईं और कई जगहों पर दरारें पड़ गईं। लापरवाही का आलम: निर्माण के समय मानकों के अनुरूप सीमेंट, बालू और गिट्टी का सही अनुपात नहीं रखा गया। जनता में निराशा: जिस सड़क के बनने से लारा और झुमरी के ग्रामीणों में खुशी का माहौल था, उसकी दुर्दशा देखकर अब वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जांच और ब्लैकलिस्ट करने की मांग विधायक द्वारा फीता काटने के तुरंत बाद सड़क की ऐसी दुर्दशा होने से अब विभागीय कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने हजारीबाग उपायुक्त से मांग की है कि पूरी परियोजना और प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। निर्माण में धांधली करने वाले ठेकेदार बसंत प्रजापति और अनदेखी करने वाले विभागीय कनिष्ठ अभियंता (JE)/सहायक अभियंता (AE) पर सख्त कार्रवाई हो। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करते हुए सड़क का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए। सरकारी फंड और जनता के पैसे का यह ढुलमुल रवैया प्रशासन के दावों पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि विधायक के उद्घाटन के बाद उखड़ी इस सड़क पर जिला प्रशासन क्या संज्ञान लेता है। ग्रामीण में से अरुण कुमार, ज्ञानी गोप,सुबोध कुमार सुभाष कुमार राकेश कुमार महेंद्र राम,दीपक राम ,नरेश राम ,रंजीत राम,शिवलाल राम दग्दीश राम तिलेश्वर राम,राजेश राम, संतोष राम,राजकुमार राम,दिनेश राम,डब्लू राम,नरेश राम, महेश राम, राजेंद्र राम,राजेश राम, लालजी राम ने जिला प्रशासन से जाँच कराने की मांग किया है।




