हजारीबाग
उपायुक्त ने सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक।
बालपन के अधिकार की रक्षा एवं बाल संरक्षण को सुदृढ़ करने पर उपायुक्त ने दिया जोर।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
हज़ारीबाग उपायुक्त ने शुक्रवार को सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों के कार्यों की समीक्षा करते हुए बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं उनके समुचित देखरेख को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि बाल संरक्षण विभाग की प्रमुख जिम्मेवारी यह सुनिश्चित करना है कि 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को उसका ‘राइट टू चाइल्डहुड’ अर्थात बालपन का अधिकार प्राप्त हो रहा है या नहीं। बच्चा चाहे बेहतर परिस्थितियों में रह रहा हो अथवा विपरीत परिस्थितियों में, उसके संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं समुचित विकास को सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेवारी है। उपायुक्त ने सृजन फाउंडेशन, हजारीबाग में आवासित नन्हें बालक-बालिकाओं की समुचित देखरेख, सुरक्षा, इलाज एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में बरही में संचालित बाल गृह की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी उपायुक्त ने प्राप्त की। उन्होंने बताया कि बाल गृह वर्तमान में किराए के भवन में संचालित हो रहा है। बच्चों को बेहतर एवं स्थायी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बाल गृह को हजारीबाग में स्थानांतरित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं हजारीबाग में संचालित संप्रेक्षण गृह की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने अधीक्षक के पद को स्वीकृति प्रदान कराने हेतु उपायुक्त स्तर से संबंधित विभाग को पत्राचार करने का निर्देश दिया, ताकि संस्थान का संचालन अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।
उपायुक्त ने फोस्टर केयर के अंतर्गत रह रहे बच्चों की स्थिति की भी जानकारी ली तथा उनके संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पारिवारिक वातावरण से संबंधित स्थिति की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। बैठक में बाल श्रम के मुद्दे पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बाल श्रम के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने, नियमित जांच एवं अभियान संचालित करने तथा बाल श्रम से संबंधित किसी भी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने आमजनों से अपील की कि बाल श्रम से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत की सूचना टोल फ्री नंबर 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन पर दें। साथ ही, उक्त टोल फ्री नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों का संरक्षण केवल विभागीय जिम्मेवारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेवारी है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को संवेदनशीलता, तत्परता एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त रिया सिंह,बाल संरक्षण पदाधिकारी संजय प्रसाद व अन्य उपस्थित थे।


