
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण एवं गंगा समिति की बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सुरक्षित निस्तारण न करने वाले अस्पतालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। बैठक में रामगंगा नदी संरक्षण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नकटिया और किला नदी के कैचमेंट क्षेत्र में सेप्टिक टैंक न बनवाने वाले भवन स्वामियों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। डीएम ने सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को अनटैप्ड नालों के जल उपचार के लिए त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर अभियान तेज करने के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि बाजारों में छापेमारी कर जब्ती की कार्रवाई की जाए। वृक्षारोपण के लिए सभी उपजिलाधिकारियों को लैंड बैंक योजना के तहत भूमि चिन्हित करने को कहा।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि शहर में अब तक करीब 15 लाख टन लीगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक निस्तारण किया जा चुका है। यातायात विभाग ने बताया कि जुलाई माह में प्रदूषण फैलाने वाले 542 वाहनों का चालान कर 54.20 लाख रुपये का शमन शुल्क वसूला गया।
बैठक में डीएफओ दीक्षा भंडारी, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, सीडीओ देवयानी, एसडीएम सदर ईशिता किशोर सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



