मथुरा
मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण की अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में नंदगांव और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। छाता शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने और आंदोलन के बीच अब क्षेत्रीय राजनीति भी गरमा गई है। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण को लेकर आंदोलन के दौरान की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में नंदगांव और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने मंत्री के समर्थन में प्रेसवार्ता कर आंदोलनकारियों से संयम बरतने और व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचने की अपील की। मंत्री समर्थक ग्रामीणों का कहना है कि शुगर मिल को लेकर अपनी मांग रखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करना क्षेत्र की गरिमा और मुद्दे की गंभीरता दोनों को प्रभावित करता है। प्रेसवार्ता में दान बिहारी चौधरी ने कहा कि छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने को लेकर कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण स्वयं गंभीर हैं और अपने स्तर से लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ अनावश्यक बयानबाजी और व्यक्तिगत टिप्पणियां करना उचित नहीं है। गांव खरोट निवासी फैली प्रधान ने कहा कि छाता शुगर मिल से हजारों किसानों और क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें जुड़ी हैं। बदनगढ़ से आए अधिवक्ता उधम सिंह ने कहा कि चौधरी लक्ष्मी नारायण लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति और जनसेवा से जुड़े हुए हैं। व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणियों से बचना सभी की जिम्मेदारी है।नंदगांव चेयरमैन प्रतिनिधि भीम चौधरी ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग रखते हुए सभी पक्षों को मिलकर समाधान की दिशा में प्रयास करना चाहिए। पूर्व चेयरमैन बदन सिंह ने भी आंदोलनकारियों से अपनी मांगें शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से रखने की अपील की। इस मौके पर दानों नेता, कुम्पी पहलवान, रामगोपाल, भुवनेश गोस्वामी, रणवीर चौधरी, कुलदीप सिंह, किशन नेता सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीण, किसान और गणमान्य लोग मौजूद रहे।



