
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : सार्वजनिक उपक्रम मॉयल लिमिटेड (मैंगनीज ओर इंडिया लिमिटेड) की भरवेली खदान में इस साल शारदीय नवरात्र के दौरान होने वाले कव्वाली आयोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी के नेता इमरान खान ने प्रबंधन के फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे क्षेत्र की 6 दशक पुरानी सामाजिक समरसता की परंपरा पर हमला बताया है।
इमरान खान ने आरोप लगाया कि मॉयल प्रबंधन कलेक्टर के एक पत्र की आड़ में पिछले 62-63 वर्षों से चली आ रही कौमी एकता की परंपरा को ठेस पहुंचा रहा है।
भरवेली खदान में शारदीय नवरात्र के अवसर पर सभी धर्मों के कर्मचारी स्वेच्छा से अपने एक दिन का वेतन देकर दुर्गा उत्सव का आयोजन करते आ रहे हैं। इस उत्सव में कव्वाली का आयोजन भी परंपरा का हिस्सा रहा है, जिसे सभी समुदाय के लोग मिल-जुलकर मनाते हैं।
सपा नेता का आरोप है कि कुछ लोगों ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते इस सांस्कृतिक आयोजन को एक विशेष समुदाय से जोड़कर सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया और इसे रोकने की मांग की। उनका कहना है कि यह प्रयास संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 का खुला उल्लंघन है, जो समानता और भेदभाव के निषेध की गारंटी देता है।
आरोप है कि मॉयल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता और ऐतिहासिक परंपरा को समझे बिना, केवल कलेक्टर के पत्र का हवाला देकर इस वर्ष कव्वाली कार्यक्रम बंद करने का निर्णय ले लिया। इस फैसले से जिले की सामाजिक समरसता और भाईचारे को गहरा आघात पहुंचा है।
स्थानीय नागरिकों और मॉयल कर्मचारियों ने प्रबंधन से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक और सांप्रदायिक सद्भाव की गौरवशाली परंपरा बरकरार रह सके।




