जिंदगी की दूसरी पारी में भी अध्यापन कर रहे सेवानिवृत शिक्षक दुर्गा प्रसाद प्रजापति।
शिक्षा के प्रति अगाध लगाव है इनका परिचय।

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो।
बोकारो। कसमार प्रखंड के गररी पंचायत निवासी दुर्गा प्रसाद प्रजापति कोई परिचय के मोहताज नहीं है। ये सेवा निवृत्ति के बाद भी शिक्षा जगत से आज भी जुड़े हुए हैं और छात्र-छात्राओं के बीच ज्ञान बांट रहे हैं। अध्ययन अध्यापन के द्वारा निरंतर गरीब वंचित कमजोर वर्ग के बालक बालिकाओं को शिक्षा दान प्रदान कर रहे हैं
15 अगस्त 1950 को एक साधारण किसान परिवार में पैदा हुए तथा गांव के ही मध्य विद्यालय कसमार से वर्ग सात तक पढ़ाई किए। कृष्ण बल्लभ उच्च विद्यालय कसमार से 1967 में मैट्रिक की परीक्षा पास किए। संत कोलंबा महाविद्यालय हजारीबाग से बीएससी की डिग्री हासिल किए। 1981 में आई.ई.एल. मध्य विद्यालय गोमिया में विज्ञान शिक्षक के पद पर नियुक्ति हुई। अपने सेवा काल में ही रांची से बी.एड,एम.ए इतिहास एवं एम.ए हिंदी की उपाधि प्राप्त किए। अपने सेवा काल में ये मध्य विद्यालय पेटरवार, मध्य विद्यालय कसमार,प्रखंड आवासीय कॉलोनी पेटरवार, मध्य विद्यालय नावाडीह तथा मध्य विद्यालय चांदो में अपनी सेवाएं दिए। इस बीच इनकी प्रतिनियुक्ति लगभग 10 वर्षों तक प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय कसमार में विज्ञान शिक्षक के रूप में हुई तथा अपनी सेवा प्रदान किए। 30 जून 2011 को प्रधानाध्यापक सह निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए। 76 वर्ष की उम्र के बावजूद भी दुर्गा प्रसाद प्रजापति जी जिन्हें लोग दुर्गा सर के नाम से आदर के साथ पुकारते हैं। आज भी ये पठन-पाठन में पूरी रुचि रखते हैं और बच्चों के बीच अध्यापन में लगे रहते हैं।



