सिंगरौली
हैंडओवर से पहले ही मोरवा पेड़ताली स्कूल भवन में दरारें
अब प्लास्टर तोड़कर जाली से की जा रही है पैचिंग प्लास्टर

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राजेश सिंह ने उठाए सवाल दरारों पर मरम्मत के बाद पुट्टी से दी जा रही चिकनाई, निर्माण गुणवत्ता की तकनीकी जांच की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। मोरवा वार्ड क्रमांक-1 के पेड़ताली क्षेत्र स्थित शासकीय हाईस्कूल देवरीडांड़ के नए भवन की निर्माण गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच अब निर्माण एजेंसी ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। भवन की दीवारों में दरारें और प्लास्टर टूटने की खबर प्रकाशित होने के बाद कई स्थानों पर प्लास्टर तोड़कर जाली लगाई जा रही है। इसके बाद दोबारा प्लास्टर और पुट्टी का काम किया जा रहा है। भवन के अंदर और बाहर दोनों तरफ पैचिंग की जा रही है
करोड़ों रुपए की लागत से तैयार हो रहे इस भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन अभी इसका हैंडओवर नहीं हुआ है। ऐसे में हैंडओवर से पहले ही दीवारों में दरारें आने और कई स्थानों पर प्लास्टर तोड़कर मरम्मत किए जाने से निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण के दौरान गुणवत्ता की नियमित निगरानी की गई थी तो इतनी खामियां सामने कैसे आईं?
गुणवत्ता जांच के बाद ही हैंडओवर की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता राजेश सिंह ने भवन की तकनीकी गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी भवनों के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। उनका कहना है कि देवरीडांड़ हाईस्कूल भवन की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही इसके हैंडओवर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
राजेश सिंह ने कहा कि दरारें निर्माण संबंधी कमी से आई हैं या किसी अन्य कारण से, इसकी वास्तविक स्थिति तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल निर्माण एजेंसी द्वारा भवन में मरम्मत का काम जारी है।
एनसीएल सीएसआर मद से हुआ है निर्माण
जानकारी के अनुसार स्कूल भवन का निर्माण एनसीएल के सीएसआर मद से कराया जा रहा है। ऐसे में हैंडओवर से पहले भवन की मजबूती और निर्माण गुणवत्ता की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। सवाल यह है कि क्या केवल पैचिंग के बाद भवन को हैंडओवर किया जाएगा या संबंधित विभाग तकनीकी विशेषज्ञों से इसकी संरचनात्मक मजबूती की जांच भी कराएगा। भवन भविष्य में सैकड़ों विद्यार्थियों के उपयोग में आएगा, इसलिए हैंडओवर से पहले उसकी सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है।




