बागपत
चेहरा और जबड़ा: छोटी दिखने वाली समस्या भी मांग सकती है विशेषज्ञ की सलाह
ओरल एवं फेशियल सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. वैभव जैन से खास बातचीत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। चेहरा और जबड़ा केवल व्यक्तित्व का हिस्सा नहीं, बल्कि बोलने, खाने और मुस्कुराने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों से भी जुड़े हैं। ऐसे में दांत, मुंह, जबड़े या चेहरे से संबंधित जटिल समस्या को नजरअंदाज करना आगे परेशानी बढ़ा सकता है। इसी विषय पर BDS, MDS एवं ओरल सर्जन डॉ. वैभव जैन से संवाददाता सुरेंद्र मलानिया ने खास बातचीत की।
डॉ. वैभव जैन के अनुसार ओरल सर्जरी का दायरा केवल दांत निकालने तक सीमित नहीं है। जटिल दांत, जबड़े की समस्याएं, चेहरे पर चोट तथा ऐसी स्थितियां जिनमें सर्जिकल उपचार की जरूरत हो, उनमें विशेषज्ञ की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
चेहरे पर चोट को लेकर उन्होंने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। दुर्घटना के बाद सूजन, लगातार दर्द, मुंह खोलने में परेशानी, दांतों का पहले जैसा संपर्क न होना या चेहरे की बनावट में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें तो जांच कराना जरूरी है। कई बार अंदरूनी चोट बाहर से स्पष्ट नहीं होती।
अक्ल दाढ़ के बारे में डॉ. जैन ने बताया कि हर अक्ल दाढ़ को निकालना आवश्यक नहीं होता। उसकी स्थिति और उससे होने वाली परेशानी के आधार पर उपचार का निर्णय लिया जाता है।
डॉ. वैभव जैन ने रक्षा मंत्रालय में डेंटल सर्जन के रूप में भी सेवाएं दी हैं। उनके मुताबिक इस दौरान अनुशासन, आपातकालीन परिस्थितियों में निर्णय लेने और मरीजों के बेहतर प्रबंधन का महत्वपूर्ण अनुभव मिला।
उन्होंने लोगों से अपील की कि दांतों की समस्या को केवल दर्द तक सीमित न समझें। नियमित सफाई, उचित देखभाल और समय-समय पर डेंटल जांच दांतों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।
डॉ. वैभव जैन का संदेश:
“दांत, मुंह, चेहरे या जबड़े से जुड़ी असामान्यता को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर विशेषज्ञ की सलाह लें। सही समय पर जांच कई जटिलताओं से बचाने में मदद कर सकती है।”



