कानपुर
सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन एंड अवेयरनेस ऑफ डायबिटीज की सितंबर माह की मासिक जागरूकता बैठक संपन्न

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कानपुर : शहर की प्रतिष्ठित सामाजिक एवं स्वास्थ्य संस्था सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन एंड अवेयरनेस ऑफ डायबिटीज की सितंबर माह की मासिक जागरूकता बैठक गेंजेस क्लब में आयोजित हुई। बैठक में बड़ी संख्या में मधुमेह रोगियों, उनके परिजनों एवं शहर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। SPAD पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से मधुमेह के प्रति जनजागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है। संस्था द्वारा प्रत्येक माह के चौथे रविवार को नियमित जागरूकता बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें मधुमेह की रोकथाम, उपचार, खान-पान, जीवनशैली और जटिलताओं से बचाव के विषय में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाती है। बैठक की अध्यक्षता SPAD की अध्यक्ष डॉ. संगीता शुक्ला ने की। उन्होंने संस्था की तीन दशकों से अधिक लंबी सेवा यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मधुमेह से बचाव और उसकी जटिलताओं को कम करने में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि नियमित जांच, संतुलित आहार, शारीरिक सक्रियता और अनुशासित जीवनशैली अपनाकर मधुमेह को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि SPAD भविष्य में युवाओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक भी जागरूकता अभियान को व्यापक रूप देने की दिशा में कार्य करेगी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रसून सचान ने “त्वचा पर मधुमेह के संकेत पहचानें: समय रहते” विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मधुमेह का प्रभाव केवल रक्त शर्करा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि त्वचा पर भी इसके कई संकेत दिखाई दे सकते हैं। बार-बार होने वाला फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण, खुजली, अत्यधिक रूखापन, फोड़े-फुंसी, घाव भरने में देरी तथा पैरों पर छोटे भूरे धब्बे डायबिटिक डर्मोपैथी के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि गर्दन, बगल अथवा त्वचा की सिलवटों पर त्वचा का काला एवं मोटा होना Acanthosis Nigricans कहलाता है, जो इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है। ऐसे बदलावों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। डॉ. सचान ने मधुमेह रोगियों को त्वचा की नियमित देखभाल, पैरों की प्रतिदिन जांच, छोटे घाव एवं संक्रमण को नजरअंदाज न करने तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के स्टेरॉयड युक्त क्रीम का प्रयोग न करने की सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय SPAD के डॉ. दीपक याग्निक ने किया। उन्होंने मुख्य वक्ता एवं सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। बैठक को सफल बनाने में डॉ. निमिषा सचान, प्रवीण सचदेव, मीना श्रीवास्तव, रंजना सक्सेना, सुधा श्रीवास्तव, इंदु पांडेय, भोला नाथ एवं रोहित टंडन की प्रमुख भूमिका रही। सीताराम खत्री, अशोक तनेजा, एस.के. श्रीवास्तव एवं विशाल शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य एवं पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।


