असम में CJP के स्कूल निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग ने जारी किए पांच निर्देश
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नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम : ककरोज जनता पार्टी (CJP) की हालिया ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम और पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रंका द्वारा असम के पलाशबाड़ी व दिसपुर के सरकारी स्कूलों के निरीक्षणों के बाद असम शिक्षा विभाग ने राज्यभर के स्कूलों के लिए पांच अहम निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों का उद्देश्य सुरक्षा, स्वच्छता और छात्रों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है, जबकि कुछ लोगों ने सरकार पर CJP के अचानक जांच अभियान के बाद दबाव में ये नियम बनाए जाने पर सवाल भी उठाए हैं। शिक्षा विभाग के निर्देशों में मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: स्कूलों के मुख्य द्वार सुबह की प्रार्थना शुरू होने से पहले बंद रखे जाएं; शौचालयों को स्वच्छ व साफ-सुथरा बनाए रखना और पूरे परिसर में उचित सफाई सुनिश्चित करना; बिना पूर्व अनुमति के बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रखना; स्कूल परिसर में एक व्यवस्थित और पढ़ाई-योग्य शैक्षिक माहौल बनाये रखना; तथा बच्चों की तस्वीरें या वीडियो बिना पूर्व अनुमति लिये न खींचे जायें, ताकि उनकी सुरक्षा और निजता बनी रहे।विभाग ने कहा है कि ये निर्देश छात्रों की सुरक्षा, गोपनीयता और शैक्षणिक माहौल की रक्षा के दृष्टिकोण से दिये गए हैं। शिक्षा अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन समितियों और प्रधानाध्यापकों से कहा है कि वे निर्देशों का कड़ाई से पालन कराएँ और किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना स्थानीय शिक्षा कार्यालय को दें। CJP का कहना है कि उनकी मुहिम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में अवसंरचना और बुनियादी सुविधाओं की कमियों को उजागर कर सुधार के लिए दबाव बनाना है। रंका की अगुवाई में हुई टीम की रिपोर्ट में कुछ स्कूलों में शौचालय, पेयजल और कक्षा-भवन संबंधी समस्याओं का उल्लेख किया गया था, जिसे लेकर पार्टी ने सरकार से सुधार की मांग की है। हालाँकि, CJP के अचानक और खुले निरीक्षणों के बाद कुछ लोगों ने कहा है कि सरकार ने CJP की गतिविधियों से चिंतित होकर जल्दीबाजी में ये नए नियम बनाए हैं। कुछ अभिभावक व स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुरक्षा व स्वच्छता के निर्देश स्वागत योग्य हैं, पर साथ ही वे चाहते हैं कि नियम पारदर्शी तरीके से लागू हों और समुदाय-आधारित निगरानी भी शामिल की जाए। वहीं राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चा जारी है कि नागरिक समूहों के निरीक्षण और सरकारी जवाबदेही के बीच संतुलन कैसे रखा जाए। पुलिस द्वारा रंका और अन्य CJP नेताओं व स्वयंसेवकों को गुवाहाटी में एक नियोजित क्षेत्रीय बैठक से पहले कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था; बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। इस घटना के बाद CJP ने कहा कि उनका उद्देश्य शैक्षिक मानकों को बेहतर बनाना है, न कि कोई अन्य राजनीतिक उद्देश्य। शिक्षा विभाग के निर्देशों को लागू कराने में स्कूल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की भूमिका अहम मानी जा रही है।



