मथुरा

मंडी में सड़क पर धान की नीलामी रोकने में मंडी प्रशासन फेल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। अनाज मंडी में सड़कों पर धान की नीलामी मुसीबत बन गई है। इसके चलते लोडिंग का काम ठप है नतीजा चारों तरफ जाम की स्थिति बन गई है। कोढ़ में खाज ये कि शुक्रवार को धान की आवक बढ़ गई। इसके चलते हाइवे तक वाहनों की कतार लग गई। धान की लोडिंग न होने से परेशान व्यापारियों ने 11 अक्टूबर तक मंडी को बंद रखने का निर्णय लिया है। धान की फसल मंडी में आने से पहले ही 21 सितंबर को मंडी सचिव रेनू वर्मा ने पत्र जारी कर सड़क पर धान न खोलने की सख्त हिदायत दी थी। बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने भी निरीक्षण करके चेताया कि आवागमन हर हाल में सुचारू रहे इसके लिए सार्वजनिनक स्थल, सड़कों पर धान की नीलामी न हो। इस सबके बाद भी हालात नहीं बदले, सड़कों पर धान खुलने से मंडी में चक्का जाम हो गया। नौबत यहां तक आ गई कि मंडी का मुख्य द्वार बंद करना पड़ा। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग, हाइवे सर्विस रोड पर वाहनों की कतार लग गई। हाइवे पर आवागमन सुचारू रखने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। सड़कों पर नीलामी क्यों मंडी परिसर में कृषि उपज की नीलामी के लिए 6 नीलामी चबूतरे बनाए गए है इसके अलावा दुकानों के आगे भी कृषि उपज की नीलामी के लिए पर्याप्त स्थान दिया गया है। लेकिन मंडी अधिकारियों से मिली भगत करके व्यापारियों ने नीलामी चबूतरों पर अनाज के गोदाम, और अपने ऑफिस बना लिए है। इसी के चलते किसानों के खून पसीने से तैयार कृषि उपज को नीलामी के लिए सड़कों पर खोल दिया जाता है। जो इस अव्यवस्था की मुख्य वजह है। 256 अतिक्रमण चिंहित, मजिस्ट्रेट ने हटवाया था कब्जा करीब पांच साल पहले मंडी परिसर में मंडी निरीक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर 256 अतिक्रमण चिंहित किए गए थे। इन सभी स्थानों को जेसीबी की मदद से कब्जा मुक्त कराया गया। लेकिन इसके बाद मंडी अधिकारियों ने इन सभी कब्जा मुक्त जगहों पर मोटा लेन देन करके पुनः कब्जा करवा दिया। वर्तमान में कृषि उपज नीलामी को बने चबूतरे, दुकानों के बीच के खाली स्थान, मंडी समिति की खाली भूमियों पर अवैध कब्जा है जो जाम की समस्या की मुख्य वजह बन रहे है।
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