अमरोहा
हुसैन के दर से मिलेगी दीन और दुनिया की कामयाबी- मौलाना नौगांवी
कर्बला का जिक्र सुनकर रो रहे आज़ादर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
उझारी। इमाम हुसैन का मर्तबा बहुत बुलंद है। अगर इंसान को दीन और दुनिया की कामयाबी चाहिए तो उसे हुसैन के दर पर आना पड़ेगा।
नगर के मोहल्ला सादात स्थित इमाम बारगाहे बाबुल हवाईज में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में मर्सिया ख्वानी जीशान हैदर और उनके साथियों ने की। मजलिस को खिताब फरमाते हुए मौलाना हसन हैदर नौगांवी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में अपना पूरा घर अल्लाह की राह में कुर्बान कर दिया और सजदे की हालत में खुद भी शहीद हो गए। अल्लाह ने हज़रत इमाम हुसैन को आला मर्तबा अता किया है। अगर इंसान चाहता है कि उसे दीन और दुनिया की कामयाबी नसीब हो, तो उसे दरे हुसैन पर आना पड़ेगा। मजलिस में नोहा ख्वानी कल्बे अब्बास ने की। दूसरी मजलिस इमामबारगाहे अबू तालिब में आयोजित की गई। जिसमें मर्सिया ख्वानी मोहम्मद अब्बास और उनके साथियों ने की। मजलिस को हाजी अखलाक हुसैन ने खिताब फरमाया तथा नोहा ख्वानी मौ० जामिन बाकरी ने की। इस अवसर पर मुख्य रूप से मजलिस में मुख्य रूप से नूरुल हसन, जावेद केसर, शाने असगर, बिलाल बाक़री, अलाउद्दीन सैफी, कमर मेहंदी, हुसैन मेहंदी, जफर अब्बास, आदिल जैदी, मोहम्मद सादिक, अली चाद, सोहेल अब्बास, मोहम्मद राहिल, इब्ने अब्बास, मोहम्मद अब्बास, डॉ रशीद, सुल्तान हैदर, बंदे हसन मेहंदी हसन आदि मौजूद रहे।



