रिश्तों के साथ बदल रही जीवनशैली: 500 बच्चों पर सर्वें में सामने आई बात

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेरठ। रिश्तों के साथ जीवनशैली भी बदल रही है। मेरठ की प्रगति विज्ञान संस्था के साथ मिलकर जिला विज्ञान क्लब ने किया बालकों पर एक अध्ययन किया जिसका निष्कर्ष यह निकला कि जलवायु परिवर्तन का असर केवल सामाजिक रिश्तों पर ही नहीं बल्कि इंसानों की जीवन शैली पर भी पड़ रहा हैं । उनके जीवन शैली में बालकों के रिश्ते में आ रहे बदलाव को सीधा सीधा देखा जा सकता हैं। जो बच्चे पहले गर्मियों की छुट्टियों का इंतजार किया करते थे कि छुट्टियों में मामा-नानी के घर जायेंगे अब उसमें बदलाव आने लगा है। छुट्टियों में मामा के घर जाने वाले बालकों की संख्या में कमी आई हैं वो अब घर पर रहना पसंद कर रहे हैं। संस्था के द्वारा पिछले साल किये गये अध्ययन और इस साल के अध्ययन से पता चलता है कि पिछली बार 40 प्रतिशत बालक मामा के घर गए थे जबकि इस बार 33 प्रतिशत ही रह गए। पिछली बार घर पर रहने वाले 30 प्रतिशत थे जो इस बार बढ़कर 39 प्रतिशत पहुंचे। दादा के घर जाने वालों में एक प्रतिशत गिरावट आई जबकि कुछ ना कुछ सीखने वाले उतने ही 12 प्रतिशत रहे हा घूमने जाने वालों में भी एक प्रतिशत की गिरावट आई हैं। यह अध्ययन पिछले वर्ष और इस वर्ष गर्मियों की छुट्टियों में निम्न माध्यम परिवारों के 10 से 18 वर्ष के अलग अलग जगहों के 500 बालको पर किया गया। मेरठ के 12 ब्लॉकों के कई गांवों और मौहल्लों में उक्त सर्वे को किया गया। दीपक शर्मा ने बताया कि एक बदलाव और आया हैं बुआ के घर जाने वाले धीरे से मौसी के घर जाना शुरू कर चुके हैं।


