ललितपुर

राज्यपाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में की विकास कार्यों की समीक्षा

सरकारी योजनाओं का लाभ अन्त्योदय की भावना से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचायें : राज्यपाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
आंगनबाड़ी केन्द्रों को सशक्त बनाकर कुपोषण मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने पर दिया जोर
महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों के लिए हर गांव में बनायी जायें महिला टोली
बाल विवाह, शराब बंदी व महिला शिक्षा के प्रति अभिभावकों को जागरुक करेंगे शिक्षक
ललितपुर। प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने जनपद के विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए कलैक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिये कि पीएम व सीएम की मंशानुसार अन्त्योदय की भावना को ध्यान में रखते हुए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है, इसलिए बिना किसी भेदभाव के पूरी पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों तक पहुंचकर उन्हें लाभान्वित किया जाए। उन्होंने जनपद में किये गए जीरो पॉवरटी सर्वे की प्रसंशा करते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में जरुरतमंद व गरीब परिवार निवास करते हैं, उन्हें उनके ही स्थान पर पहुंचकर लाभान्वित किया जाए, लाभार्थियों को दफ्तरों के चक्कर लगाने न लगाने पड़े। उन्होंने डीएम व सीडीओ को निर्देश दिये कि जनपद में चल रहे सभी प्रकार के सर्वेक्षणों की वे स्वयं निगरानी करें और उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचायें। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह, शराब बंदी व महिला शिक्षा के प्रति लोगों को जागरुक करने को कहा। निर्देश दिये कि जनशिकायतों का निस्तारण तत्काल सुनिश्चित किया जाए, साथ ही इसका प्रत्येक विभाग में रिकॉर्ड भी रखा जाए, इसके अलावा जनपद में मतदाता पुनरीक्षण कार्य पूरी गंभीरता के साथ किया जाए, कहीं भी डुप्लीकेसी न हो। कहा कि बाल विवाह एक बड़ी समस्या है, इसकी रोकथाम के लिए अधिकारियों को व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करना पड़ेगा, ऐसे मामलों में बाल विवाह के पूर्व ही कांउसलिंग की जाए और यदि फिर भी बाल विवाह कराया जाता है तो पुलिस कार्यवाही की जाए। साथ ही जनपद में प्रत्येक विवाह का पंजीयन अवश्यक कराया जाए। उन्होंने कहा कि हर गांव में महिलाओं की टोलियां बनायी जायें, जो शराब मुक्ति, बाल विवाह की रोकथाम व बच्चों एवं महिलाओं के अधिकारों की जानकारी दें, साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की टीम बनाकर नामांकन न कराने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को समझायें। शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीएम व सीडीओ निर्देश दिये कि अपै्रल माह में बच्चों का कम नामांकन होना चिंता का विषय है, इसके लिए प्रत्येक गांव में सर्वे कराकर बच्चों का नामांकन कराया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बच्चा 3 वर्ष की उम्र में आंगनबाड़ी केन्द्र और 6 वर्ष की उम्र में कक्षा 1 में प्रवेश अवश्य हो जाए। यह भी निर्देश दिये कि आंगनबाड़ी केन्द्रों को और सशक्त बनाया जाए, ताकि हमारा देश कुपोषण मुक्त होकर विकास की इबारत लिख सके। यहां आने वाला कोई भी बच्चा कुपोषण से ग्रसित न हो, इसके लिए पोषाहार का वितरण निर्धारित समय पर किया जाए। खेल मैदानों की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद में खेल मैदानों पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करायी जायें, इसके लिए समय निर्धारित करते हुए प्रतियोगितों की सूचना कम से कम दो माह पूर्व ग्राम पंचायतों को भेंजे ताकि बच्चे तैयारी कर सकें। कहा कि जनपद में स्वयं सहायता समूहों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, सम्बंधित अधिकारी उनके स्वरोजगार के लिए साधनों में वृद्धि करें और उन्हें सशक्त बनायें। राज्यपाल ने रेड क्रॉस सोसायटी के सदस्यों से वार्ता करते हुए उनके संगठन के कार्यों की जानकारी ली और प्रत्येक गांव में कम से कम 10 सदस्य बनाने को कहा। जनपद में किये गए नवाचारों की जानकारी पीपीटी के माध्यम से राज्यपाल को दी गई।
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