बालाघाट

बालाघाट पुलिस ने किया अंतर राज्यीय ऑनलाइन ठग गिरोह का भाण्डाफोड़

10 दिनों के भीतर पकडे 6 आरोपी 40 लाख कैश समेत 55 लाख का मशरुका जप्त 

    नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : बालाघाट पुलिस ने बड़े ऑनलाइन अंतर राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन्होंने 64 वर्षीय बुजुर्ग महिला से 41 लाख रुपए की ठगी की थी। इनके पास से 40 लाख रुपए नकद सहित 55 लाख का सामान बरामद हुआ है।
एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, पुलिस की टीमों ने नोएडा, दिल्ली और वाराणसी समेत कई राज्यों में छापेमारी कर कार्रवाई की। 10 दिन में 14 हजार 700 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि गिरोह ने विभिन्न राज्यों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।
पुलिस ने आरोपियों से 800 मोबाइल नंबर, 60 IMEI नंबर और 32 बैंक खातों का डेटा जब्त किया है। साथ ही कई लैपटॉप, डेबिट कार्ड, सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 15 लाख रुपए बताई जा रही है।
          प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ठगी के कई मामलों में महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की कड़ियां जुड़ी हुई हैं। बालाघाट पुलिस ने कहा कि आरोपियों के मुंबई व अन्य थानों में भी वॉरंट लंबित हैं।
दरअसल, 23 अगस्त को कोतवाली थाना क्षेत्र के प्रेमनगर में रहने वाली 64 वर्षीय शोभा सोनेकर ने बीमा क्लेम और एजेंट कोड दिलाने के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की रिपोर्ट की थी। शोभा का कहना था कि आरोपियों ने उनके जीवन भर की कमाई और रिटायरमेंट की राशि 41 लाख रुपए ऐंठ लिए।
ये हैं आरोपी:-
1. राहुल (37) पता- जिला भोजपुर, बिहार (सरगना)
2. हिमांशु शर्मा (29) पता- सेक्टर 63, नोएडा (मैनेजर)
3. बृजेश प्रसाद (44) पता- गौतम बुद्ध नगर, नोएडा (ड्राइवर)
4. सतपाल (50) पता- दिल्ली (शेयर होल्डर)
5. अमन शर्मा (32) पता- दिल्ली (शेयर होल्डर)
6. अंकित वर्मा (30) पता- नोएडा (सीएसबी बैंक कर्मी)
ठगी का तरीका:-
      आरोपियों ने सितंबर 2024 से शोभा को लगातार कॉल कर झांसा दिया। पहले से बंद बीमा पॉलिसी का 10 लाख रुपए का क्लेम दिलाने और बाद में हर माह एक लाख रुपए वेतन देने का लालच दिया।
                आरोपियों ने शोभा को विश्वास में लेने के लिए कोर लाइफ रिएल्टर्स, ओजस्विन ग्रुप, सत्या ट्रेडर और ग्रेटर स्काई स्टे नामक कंपनियां बनाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किया।
            शोभा से कुल 41 लाख रुपए पहले 3 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए। इसके बाद आरोपियों ने इन रकमों को अन्य कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर अपनी पहचान छिपाई। यह रकम शोभा की रिटायरमेंट की पूरी जीवन भर की कमाई थी l रिपोर्ट लगभग एक माह बाद दर्ज हुई। इससे आरोपी दिल्ली-नोएडा से नकदी निकाल चुके थे।
         शिकायत मिलने के बाद बालाघाट पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले की गहनता से जांच शुरू की और आरोपियों को धर दबोचा। एसपी के मुताबिक, इस गिरोह की तलाश महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच और इंदौर की महू और धामनोद पुलिस भी कर रही थी।
उल्लेखनीय भूमिका:-
 निरीक्षकः राजमल दायमा, उनि धर्मेन्द्र जोनवार थाना कोतवाली, उनि अभिमन्यु द्विवेदी, उनि दिलीप करण नायक, उनि दीपक शर्मा, उनि कमलेश यादव साइबर सेल उनि अभिलाष मिश्रा साइबर नोडल प्र आर 940 नवीन कुल्हाड़े, प्र आर 107 राहुल गौतम; आर 799 शेख शहजाद, आर 575 मनोज गुर्जर, आर 1391 लक्ष्मी बघेल, आर आशुतोष सिंह, आर 132 अंकुर गौतम, आर 1201 अरविंद जाटव, आर 1272 राकेश कुल्हाड़े, आर 1211 संदीप जाट, आर 214 रोमेश मिश्राः म आर अलका पटेल 544 मेघा तिवारी, 1450 चांदनी, 162 शिखा मिसारे आर 911 जयप्रकाश, 1118 आर प्रदीप पुट्टे, आर 1103 अजय नामदेव, आर 134 बलराम यादव, आर 385 सुभाष देवासे ।
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