गाजियाबाद
सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने के लिए बड़ी कार्यवाही
तीन दिन में अवैध कब्जा धारकों को जमीन खाली करने का अल्टीमेटम
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी (गाजियाबाद): लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के पीछे दिल्ली जाने वाले मार्ग पर स्थित गंगा बिहार कॉलोनी में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम सरकारी भूमि की नापतौल करने के लिए मौके पर पहुंची। अधिकारियों को देखकर वर्षों से सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा जमाए लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग की जमीन पर लंबे समय से रोड़ी, डस्ट और रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। विभागीय टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए और अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई।
स्थानीय लोगों का आरोप —
“शिकायत पर होती है केवल खानापूर्ति”
मौके पर मौजूद कॉलोनीवासियों ने राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि विभागीय अधिकारी और पुलिसकर्मी अवैध कारोबारियों से मासिक वसूली कर रहे हैं, जिसके चलते अब तक किसी भी कब्जा धारकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही नहीं हुई। पुलिस ने भी केवल नोटिस देकर अपने कर्तव्यों को अंजाम दे दिया
स्थानीय निवासियों ने बताया इस मामले कि जब-जब शिकायत की जाती है, तब-तब विभागीय टीमें केवल औपचारिक जांच कर वापस लौट जाती हैं। शिकायतों के बावजूद अब तक किसी अवैध कब्जाधारी या कारोबारी पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत के कारण यह गोरखधंधा दिन-रात चल रहा है
तीन दिन में जमीन खाली करने का अल्टीमेटम
सिंचाई विभाग की ओर से जतिन कुमार अग्रवाल (जे.ई.), सलमान अहमद, एस.डी.ओ. वासु गुप्ता सींचपाल की टीम ने मौके पर पहुंचकर सरकारी भूमि का सीमांकन किया। टीम ने अवैध कब्जाधारियों को तीन दिन के भीतर जमीन खाली करने की चेतावनी दी और कहा कि निर्धारित समय के बाद कब्जा बरकरार रहने पर विभाग जबरन कार्यवाही करेगा।
लेखपालों और पुलिस पर भी लगे आरोप
नापतौल के दौरान मोहन शर्मा और सोहनबीर सिंह सहित कई लोगों ने स्थानीय लेखपाल अय्यूब खान और किरणपाल गौतम पर गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना था कि लेखपालों को कई बार अवैध कब्जों और रेत कारोबार की शिकायत की गई, लेकिन उन्होंने केवल खानापूर्ति कर मामला रफा-दफा कर दिया।
लोगों ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी मौके पर आकर केवल औपचारिकता निभाते हैं और असल में अवैध कारोबार को संरक्षण देते हैं। इस दौरान एस आई शिशुपाल सिंह, रविंद्र कुमार, राहुल चौहान, अंकुर कुमार पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे।
विभागीय कार्रवाई की मांग
कॉलोनी के निवासियों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस मामले में संलिप्त उन विभागीय कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्यवाही की जाए, जो अवैध कारोबारियों से सांठगांठ कर सरकारी जमीन पर कब्जे को बढ़ावा दे रहे हैं।
इस मौके पर प्रहलाद सिंह चौधरी, मुकेश धनकड़, वीरेंद्र सिंह लाठियां, नीटू शर्मा, ओमपाल पवार समेत दर्जनों कॉलोनीवासी मौजूद रहे और उन्होंने एक स्वर में कहा कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो स्थानीय लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।



