मेरठ

वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर संगोष्ठी 

शिक्षित भारत से ही विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

मेरठ। श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस–2025 के अवसर पर “शिक्षित भारत से ही विकसित भारत” विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री एवं महान स्वतंत्रता सेनानी स्व. मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती को समर्पित थी। कार्यक्रम में शिक्षाविदों और विद्वानों ने मौलाना आजाद के शिक्षा क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान को याद किया और आधुनिक भारत की शिक्षा व्यवस्था में उनके सुधारों की सराहना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सी.वी. रमन कॉन्फ्रेंस हॉल में माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मधु चतुर्वेदी, विख्यात शिक्षाविद एवं कवि डॉ. राहुल अवस्थी, प्रमुख चै. कामेन्द्र सिंह, एवं कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह दिन एक पर्व के समान है। विकसित भारत की परिकल्पना शिक्षित भारत के बिना अधूरी है। शिक्षा जब तक संस्कार, मूल्य और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत नहीं होगी, तब तक उसका उद्देश्य अधूरा रहेगा।
डॉ. मधु चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षित भारत से ही विकसित भारत की अवधारणा साकार हो सकती है, जबकि डॉ. राहुल अवस्थी ने कहा कि यदि शिक्षा में संस्कार और राष्ट्रप्रेम नहीं है, तो उसका सम्पूर्ण उद्देश्य निरर्थक हो जाता है। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरी ने कहा कि शिक्षा केवल पढ़ाई नहीं बल्कि यह लोगों के जीवन में प्रकाश और राष्ट्रोन्नति का सबसे बड़ा माध्यम है। संगोष्ठी को कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे एवं कुलसचिव डॉ. पीयूष कुमार पाण्डेय ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में डॉ. राजेश सिंह, डॉ. नीतू पंवार, डॉ. सुमन कश्यप, डॉ. स्नेहलता गोस्वामी, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. योगेश्वर शर्मा, डॉ. अंजलि भारद्वाज, डॉ. आशुतोष, डॉ. दर्पण कौशिक, डॉ. राजवर्द्धन सिंह, डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. आरती गुप्ता, डॉ. ओमप्रकाश गोसाई, डॉ. अश्विन सक्सेना, मेरठ परिसर से निदेशक डॉ. प्रताप एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित कई प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन “शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त आधार है” इस संदेश के साथ किया गया।

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