गाजियाबाद
घने स्मॉग और कड़ाके की ठंड से बढ़ी परेशानी
(तापमान में गिरावट और मंद हवा ने हालात किए बदतर)
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी : पिछले कुछ दिनों में अचानक छाए स्मॉग के बाद अब क्षेत्रवासी घनी धुंध और कड़ाके की ठंड का सामना कर रहे हैं। तापमान लगातार गिर रहा है और हवा की गति इतनी धीमी हो चुकी है कि सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है। आम लोगों के साथ वाहन चालकों को भी धीमी गति और दुर्घटना के बढ़ते खतरे से जूझना पड़ रहा है। इसके अलावा जहरीला प्रदूषण बुजुर्गों और बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है।
बारिश या तेज हवा से मिलेगी राहत विभागीय अधिकारियों के अनुसार तापमान में गिरावट और हवा की सुस्ती की वजह से वाहनों का धुआं और प्रदूषित कण हवा में ही जमकर स्मॉग का रूप ले रहे हैं। हवा का बहाव तेज न होने से ये कण वातावरण में अटके रहते है विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवा चलने या बारिश होने पर ही वर्तमान स्थिति में सुधार संभव है।
कम दृश्यता से बढ़ीं दुर्घटनाएं
सुबह के समय धुंध इतनी गहरी होती है कि कुछ मीटर दूर भी साफ दिखाई नहीं देता। नतीजा—वाहनों की रफ्तार कछुए की चाल हो जाती है और ग़ैर-एहतियाती चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं।
बंथला के पास वाहन का पोल से टकराना, इंदिरापुरी में गाड़ियों की भिड़ंत, बैहटा नहर में पशु का गिरना तथा पाभी–सादकपुर मार्ग पर हुई दुर्घटनाएँ इसी स्थिति को दर्शाती हैं। गनीमत रही कि कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ।
लोनी स्वास्थ्य विभाग के चिकित्साधिकारी अजीत चौधरी व नाईपुरा सरकारी अस्पताल के चिकित्सक विनीत तोमर का कहना है कि यह समय महिलाओं, बच्चों, और बुजुर्गों के लिए बड़ा खतरनाक है
स्मॉग, धुंध और ठंड—तीनों मिलकर स्वास्थ्य के लिए और भी घातक साबित हो रहे हैं।
यह मौसम बुखार, जुकाम, सांस की दिक्कत, संक्रमणों और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को बढ़ाता है।
बुजुर्गों और बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। चिकित्सक ने लोगों से
आंखों को साफ पानी से धोएं और चश्मे का उपयोग बढ़ाएं,
मास्क का प्रयोग अवश्य करें,
अस्थमा के मरीज बाहरी वातावरण से जितना हो सके जाने से बचें,गर्म कपड़े पहने
किसी भी प्रकार की दिक्कत पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लें

