मेरठ

श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में  लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम पर एकदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

मेरठ। श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान एवं विम्स मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित विश्वविद्यालय परिसर में “लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गरिमामय वातावरण सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देना रहा।

कार्यशाला का शुभारम्भ प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्णकान्त दवे, कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय, मुख्य अतिथि एवं वक्ता—भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से सम्बद्ध ‘विजन इंडिया’ की सर्टिफाइड ट्रेनर सुश्री प्रियंका गर्ग एवं सुश्री साईमा अनवर, तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश जी मेहता द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

मुख्य वक्ता सुश्री प्रियंका गर्ग ने कार्यस्थल पर यौन/लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए बने “प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरासमेंट (POSH) एक्ट” की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण प्रदान करने के लिए सख्त प्रावधान करता है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि किसी भी प्रकार के शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न की स्थिति में भयमुक्त होकर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून का दुरुपयोग न किया जाए, क्योंकि झूठी शिकायत की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी है।

सुश्री साईमा अनवर ने कहा कि महिलाओं को अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ कार्यस्थल पर अनुशासन, कस्टम, नीतियों एवं प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। उन्होंने संवादहीनता छोड़कर पुरुष सहकर्मियों के साथ मिलकर कार्यस्थल को “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि ने कहा कि संविधान में निहित “राइट टू इक्वेलिटी” के तहत महिलाओं की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का मौलिक कर्तव्य है। वहीं प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि लैंगिक उत्पीड़न पर प्रभावी नियंत्रण एवं महिला सशक्तीकरण के माध्यम से ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।

कार्यशाला में डॉ. राजेश बंसल, डॉ. नजमल हुदा, डॉ. रिहाना हुदा, डॉ. बी.एस. त्यागी, डॉ. सुप्रीति भटनागर, एचआर हेड कुलदीप सिंह, प्रशान्त, डॉ. शिल्पा रैना, डॉ. नीतू पंवार, डॉ. ज्योति, डॉ. स्नेहलता, एस.एस. बघेल, मेरठ परिसर से डॉ. प्रताप तथा मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित बड़ी संख्या में प्रबंधन, चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन कार्यस्थल पर लैंगिक समानता, सम्मान एवं सुरक्षित वातावरण को सुनिश्चित करने के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया।

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