बेतुल
बैतूल पीपीपी मोड मेडिकल कॉलेज जनता के साथ धोखा: जयस
आदिवासी बाहुल्य बैतूल में सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग

उच्च फीस और निजीकरण के विरोध में जयस का ज्ञापन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। बैतूल में प्रस्तावित पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज का विरोध तेज हो गया है। जय आदिवासी युवा शक्ति ने इसे आदिवासी बहुल जिले के हितों के खिलाफ बताया है। संगठन ने कहा कि पीपीपी मॉडल से शिक्षा महंगी होगी और गरीब एवं मध्यमवर्गीय छात्र मेडिकल शिक्षा से दूर हो जाएंगे। इसी मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूर्ण रूप से शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग की गई।
जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष सोनू धुर्वे के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में मांग की गई कि बैतूल जिले में पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज बनाने की बजाय पूर्ण रूप से शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाए। कहा गया कि बैतूल आदिवासी बाहुल्य जिला है, यहां आदिवासी समाज के लोग, अन्य वर्ग के गरीब एवं मध्यमवर्गीय नागरिक बड़ी संख्या में निवास करते हैं। बैतूल में पीपीपी मोड मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन किया गया है, लेकिन इस मॉडल से आम जनता को नुकसान होगा।
– निजीकरण और ज्यादा फीस का लगाया आरोप
युवा आदिवासी विकास संगठन के जिला अध्यक्ष जितेंद्र सिंह इवने ने कहा कि यदि पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाता है तो निजी संस्थाएं अपने मुनाफे के लिए नियम बनाती हैं और सरकारी नियमों की अनदेखी होती है। इससे छात्रों और मरीजों से ज्यादा फीस वसूली जाएगी, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के लिए पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल होगा, जबकि वर्तमान में शासकीय मेडिकल कॉलेज की फीस लगभग पचास हजार रुपये वार्षिक है। पीपीपी मॉडल कॉलेज की फीस और नियमों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी जारी नहीं की गई है, जिससे शिक्षा महंगी हो जाएगी।
– नेताओं पर वादाखिलाफी का आरोप
ज्ञापन में कहा गया कि बैतूल विधायक हेमंत खण्डेलवाल एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बैतूल में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है, जो जनता के साथ धोखा है। इससे निजीकरण और पूंजीवाद को बढ़ावा मिलेगा, जिसका भविष्य में घातक परिणाम हो सकता है और गरीब तथा आमजन शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।
– आरक्षण और नियमों पर भी उठाए सवाल
जयस ने सवाल उठाया कि पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को मिलने वाले आरक्षण का पालन होगा या नहीं, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। यदि पालन होगा तो कितना होगा, यह भी तय नहीं है। वर्तमान भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि सरकारी संपदा का निजीकरण कर इसे पूंजीपतियों को सौंपा जा रहा है और पीपीपी मॉडल लागू कर शासकीय शैक्षणिक संस्थाओं को खत्म किया जा रहा है।
– ज्ञापन देने वालों में यह रहे मौजूद
ज्ञापन देने वालों में जयस युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सोनू धुर्वे, दिलीप धुर्वे, जितेंद्र सिंह इवने, अर्जुन धुर्वे, संदीप काकोडिया, निमिष सरियाम काफ़ी संख्या मौजूद रहें




