वित्तविहीन विद्यालयों से जुड़े शिक्षकों एवं प्रबंधकों ने सीएम के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
शामली।(फुरकान जंग) प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में गिरते शिक्षा स्तर को लेकर वित्तविहीन विद्यालयों से जुड़े शिक्षकों एवं प्रबंधकों ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन डीएम शामली के माध्यम से भेजा है। ज्ञापन में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा विद्यालयों को राहत देने हेतु कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी सीमित संसाधनों में शिक्षा का दायित्व निभा रहे हैं, लेकिन उनके लिए अब तक कोई ठोस सेवा नियमावली या नियमित मानदेय की व्यवस्था नहीं है। सरकार से मांग की गई है कि इनके लिए मासिक मानदेय, शिक्षक सम्मान निधि अथवा वेतन की व्यवस्था की जाए, जिससे उनका जीविकोपार्जन सुनिश्चित हो सके। बताया गया कि यूपी बोर्ड में पढ़ने वाले लगभग 95 प्रतिशत छात्र गरीब परिवारों से आते हैं। मान्यता की शर्तों में अत्यधिक वृद्धि के कारण विद्यालयों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। इससे शिक्षा महंगी होती जा रही है और गरीब बच्चों के शिक्षा से वंचित होने का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में मान्यता नियमों को पूर्व की भांति सरल करने की मांग की गई है।शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश में दी जा रही मात्र 450 रुपये मासिक शुल्क प्रतिपूर्ति को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाकर कम से कम 2000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है। इसके साथ ही स्कूल बसों की अवधि एनसीआर में 10 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने तथा स्कूल बसों को टोल टैक्स से मुक्त रखने की भी मांग रखी गई है। ज्ञापन में विद्यालयों को गृह कर एवं जल कर से मुक्त रखने तथा बिजली कनेक्शन को वाणिज्यिक श्रेणी से घरेलू श्रेणी में परिवर्तित करने की भी मांग की गई है। शिक्षा सत्र में पढ़ाई के दिनों की कमी पर चिंता जताते हुए बताया गया कि सार्वजनिक अवकाश, ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन अवकाश, रविवार, कांवड़ यात्रा, अतिवृष्टि, बोर्ड व गृह परीक्षाएं, सत्र परीक्षाएं, स्काउट रैली, क्रीड़ा प्रतियोगिताएं तथा विभिन्न विभागीय गतिविधियों के कारण वास्तविक पढ़ाई केवल लगभग 100 दिन ही हो पाती है। ऐसे में गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर नियंत्रण लगाकर शिक्षण दिवस बढ़ाने की मांग की गई है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष देवेन्द्र राणा, रामपाल सिंह जांगडा आदि मौजूद रहे।


