ललितपुर
रेल यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
जीआरपी ललितपुर में दर्ज तीन एफआईआर से खुली चोरी की पूरी कहानी
गिरोह सक्रिय होने की आशंका, कार्यवाही की रफ्तार धीमी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। रेल यात्रा को सुरक्षित और सुगम माना जाता रहा है, लेकिन हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं ने इस भरोसे को गहरा झटका दिया है। जिले में रेलवे परिसरों और ट्रेनों के भीतर लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने यात्रियों में भय और असंतोष का माहौल पैदा कर दिया है। बीते दो दिनों के भीतर जीआरपी ललितपुर थाना क्षेत्र में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें सोने के आभूषण, नगदी, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज चोरी होने की शिकायतें सामने आई हैं। तीनों ही मामलों में चोरों ने भीड़ और यात्रियों की असावधानी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया।इन घटनाओं की समानता यह है कि सभी चोरी रेल यात्रा या रेलवे स्टेशन परिसर से जुड़ी हैं और तीनों ही मामलों में आरोपी अज्ञात बताए गए हैं। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि रेलवे रूट पर किसी संगठित गिरोह की सक्रियता हो सकती है।
पहला मामला- पंजाब मेल में जेवरात से भरा बैग गायब
बीती 17 फरवरी 2026 को एफआईआर संख्या 0015 दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ललितपुर निवासी नितिन प्रताप सिंह ने बताया कि वह अपनी रिश्तेदार के साथ ट्रेन संख्या 12137 पंजाब मेल से ललितपुर से दतिया की यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनके पास एक बैग था, जिसमें घरेलू सामान के साथ स्टील का टिफिन रखा हुआ था।
दतिया रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद जब बैग की जांच की गई तो टिफिन गायब मिला। पीडि़त के अनुसार, टिफिन के अंदर सोने के हार, झुमकी, चार अंगूठियां, पायल और मंगलसूत्र जैसे कीमती आभूषण रखे थे। चोरी का एहसास होते ही पीडि़त ने जीआरपी से संपर्क कर मामला दर्ज कराया। जीआरपी पुलिस ने इस प्रकरण में बीएनएस की धारा 305(सी) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरा मामला- रनिंग ट्रेन में महिला यात्री का बैग चोरी
दूसरा मामला एफआईआर संख्या0014 के रूपमें 16 फरवरी 2026 कोदर्जहुआ।शिकायतकर्तादिल्ली निवासी हरप्रीत कौरने बताया कि वह ट्रेन संख्या 12715 सेयात्राकर रही थीं। यह ट्रेन नांदेड़ साहिब से अमृतसर की ओर जा रही थी। यात्रा के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका बैग चोरी कर लिया। बैग में मोबाइल फोन, चार्जर, चश्मा, आईडी कार्ड, आधार कार्ड, आर्टिफिशियल ज्वैलरी और लगभग 2000 रुपये नकद मौजूद थे। चोरी हुए सामान की अनुमानित कीमत लगभग 25 हजार रुपये बताई गई है।घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी ललितपुर ने इस मामले में भी धारा 305(सी) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच प्रारंभ की।
तीसरा मामला- प्लेटफार्म पर भीड़ में लेडीज पर्स चोरी
तीसरी एफआईआर संख्या 0013 भी 16 फरवरी 2026 को दर्ज की गई। शिकायतकर्ता सीमा चंदेल, निवासी ललितपुर, ने बताया कि वह अपने बेटे के साथ ट्रेन संख्या 12920 मालवा एक्सप्रेस पकडऩे के लिए ललितपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर पहुंची थीं। ट्रेन के आने के समय प्लेटफार्म पर भारी भीड़ थी। इसी दौरान किसी अज्ञात बदमाश ने उनके कंधे से लटका लेडीज पर्स चोरी कर लिया। पर्स में सोने का पुराना मंगलसूत्र, लगभग 2000 रुपये नकद और अन्य छोटे सामान रखे थे। कुल चोरी की कीमत करीब 17 हजार रुपये आंकी गई है।इस मामले में पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है।
तीन घटनाएं, एक पैटर्न
तीनों मामलों का विश्लेषण करने पर कुछ समान बातें सामने आती हैं, जिसमें सभी घटनाएं ट्रेन या रेलवे स्टेशन परिसर से जुड़ी हैं, सभी में आरोपी अज्ञात हैं, चोरों ने भीड़, अव्यवस्था और यात्रियों की असावधानी का फायदा उठाया।
पीडि़तों में महिलाएं और परिवार शामिल हैं
इन तथ्यों के आधार पर यह आशंका गहराती जा रही है कि रेलवे रूट पर पेशेवर चोर सक्रिय हैं, जो यात्रियों को निशाना बना रहे हैं।
यात्रियों में भय, प्रशासन से सख्तकदमोंकीमांग
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से यात्रियों में रोष और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में पुलिस गश्त नाकाफी है।खासकर प्लेटफार्म और जनरल कोच में निगरानी कमजोर नजर आती है।यात्रियों ने मांग की है कि सीसीटीवी कैमरों की नियमित निगरानी, सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती और संदिग्धों की तत्काल जांच की जाए।



