चतरा

शिक्षा विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक, निजी विद्यालयों की सम्बद्धता व नामांकन पर हुए महत्वपूर्ण निर्णय

Education Department held a comprehensive review meeting, important decisions were taken regarding affiliation and enrollment of private schools.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
जिले की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित तथा परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से आज समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त  कीर्तिश्री की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से संबंधित सभी इकाइयों की एक विस्तृत एवं महत्त्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि, उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी दिनेश कुमार मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक रामजी कुमार, सभी प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी, बीईईओ, बीआरपी, सीआरपी सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले के शिक्षा तंत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों, कार्यप्रणाली, विद्यालय प्रबंधन, डेटा अद्यतन, नामांकन, शिक्षक उपस्थिति और छात्र हितों से संबंधित योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में पिरामल फाउंडेशन एवं प्रखण्ड स्तर पर की गई संयुक्त जाँच से जुड़े प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए, जिसमें कई निजी विद्यालयों की आर.टी.ई. सम्बद्धता संबंधी कमियों की जानकारी सामने आई। इन प्रतिवेदनों पर गंभीरता से विचार करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में ऐसे पाँच निजी विद्यालयों, जिनकी सम्बद्धता प्रक्रिया लंबित है, उनकी संचिकाएँ तुरंत जिला कार्यालय में प्रस्तुत की जाएँ, ताकि उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाया जा सके। वहीं दूसरी ओर, जाँच में मानकों को पूरा नहीं करने वाले तेरह निजी विद्यालयों को बंद करने की प्रक्रिया को गति देने का आदेश दिया गया, ताकि छात्रहित को किसी प्रकार का नुकसान न हो तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे। बैठक में ई-विद्यावाहिनी पोर्टल एवं मध्यान्ह भोजन योजना (एम.डी.एम.) से जुड़े छात्र संख्या विवरणों की समीक्षा भी महत्वपूर्ण विषय रहा। कई विद्यालयों में पोर्टल पर दर्ज छात्र संख्या और वास्तविक उपस्थिति में अंतर सामने आने के बाद उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय का विस्तृत विश्लेषण कर वास्तविक छात्र संख्या पर आधारित रिपोर्ट तैयार की जाए।पिरामल फाउंडेशन को इन आंकड़ों का रैंडम निरीक्षण कर सत्यापन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया, ताकि योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सटीक रूप से सुनिश्चित हो सके। उपायुक्त ने यह भी कहा कि डेटा की विश्वसनीयता ही सरकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन की नींव है, अतः किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षक प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले के चिन्हित विद्यालय हैं जहाँ नामांकन अपेक्षाकृत कम है, जबकि शिक्षकों की संख्या अधिक पाई गई है। इस असंतुलन को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कम नामांकन वाले विद्यालयों की जाँच कर वहाँ कार्यरत अतिरिक्त शिक्षकों को आवश्यकता अनुसार अन्य विद्यालयों में प्रतिनियोजित किया जाए, ताकि पूरे जिले में शिक्षण कार्य सुचारू और संतुलित रूप से संचालित हो सके। बैठक में शिक्षकों की उपस्थिति से संबंधित मामलों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। कई मामलों में पाया गया कि शिक्षक बिना स्वीकृति लिए अवकाश पर रहते हैं, जिससे विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित होती है। इस पर नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने यह स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में संबंधित शिक्षक का अवकाश काटते हुए वेतन एवं मानदेय का भुगतान कटौती करने का निर्देश दिया गया। लगातार ऐसी लापरवाही करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए संचिका तैयार करने का भी आदेश दिया गया, ताकि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने हेतु परीक्षा प्रणाली को और सशक्त बनाने पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि अब कक्षा 9 और 12 की तर्ज पर जिले में कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों की भी ‘जिला रेल परीक्षा’ प्रत्येक माह के द्वितीय शुक्रवार को अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी। इससे छोटे बच्चों की मूलभूत सीखने की क्षमता, भाषा तथा गणितीय योग्यता का नियमित मूल्यांकन संभव हो सकेगा। राज्य रेल परीक्षा से संबंधित रिपोर्ट अपलोड नहीं किए जाने के मामले पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर परीक्षा परिणाम अपलोड नहीं करना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। उन्होंने संबंधित बीईईओ एवं बीपीओ को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि अगली समीक्षा बैठक तक शत-प्रतिशत परिणाम अपलोड नहीं किए जाने पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में छात्राओं के जन्म प्रमाणपत्र, आधार निर्माण व बैंक खाता खोलने से जुड़े मामलों पर भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन छात्राओं के जन्म प्रमाणपत्र तैयार हो चुके हैं, उन्हें प्रखण्ड कार्यालयों से समन्वय स्थापित कर अभिभावकों तक उपलब्ध कराया जाए तथा उनके आधार एवं बैंक खाते शीघ्र खुलवाए जाएँ, ताकि वे विभिन्न छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। अंत में, उपायुक्त ने 20 दिसम्बर 2025 को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कस्तूरबा गांधी बालिका अंतर-विद्यालय समागम की तैयारी को लेकर भी विस्तृत दिशानिर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रखण्डों को निर्देशित किया कि छात्राओं को कार्यक्रम के लिए समुचित प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए तथा आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय स्थापित किया जाए। बैठक के समापन पर उपायुक्त ने कहा कि जिले की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसके लिए सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने दिशा-निर्देशों के अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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