बेतुल
बैतूल स्वामी विवेकानंद जी का जीवन आत्मविश्वास, साहस और सेवा का प्रतीक: डॉ.अंकिता सीते
वीवीएम कॉलेज में स्वामी विवेकानंद जयंती पर स्वदेशी, स्वावलंबन व स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। विवेकानंद विज्ञान महाविद्यालय में 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं में स्वदेशी सोच, स्वावलंबन, आत्मविश्वास, राष्ट्र निर्माण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय प्रशासन द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिला चिकित्सालय बैतूल की रक्तकोष अधिकारी डॉ. अंकिता सीते, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्णा खासदेव, महाविद्यालय सचिव कमलेश गड़ेकर, स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक निलेश गिरी गोस्वामी, डॉ. राहुल कावले, डॉ. विजय साबले, निर्गुण देशमुख, संजय बालापुरे, तथा भारतीय जनता पार्टी महिला इकाई की जिला अध्यक्ष श्रीमती ममता मालवीय मंचासीन रहे।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में डॉ. अंकिता सीते ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का जीवन आत्मविश्वास, साहस और सेवा का प्रतीक है। स्वदेशी और स्वावलंबन केवल आर्थिक अवधारणाए नहीं, राष्ट्र निर्माण की सशक्त नींव हैं। युवाओं को अपनी शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य के साथ-साथ समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान ब्लड बैंक के सहयोग से निःशुल्क रक्त समूह परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में रक्तकोष टीम से रमेश जैन एवं राजेश बोरखेड़े ने सक्रिय सहभागिता निभाई। परीक्षण के उपरांत विद्यार्थियों को ब्लड ग्रुप कार्ड वितरित किए गए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, युवाओं में आत्मनिर्भरता, चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा की भावना पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा उनके विचारों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अत्यंत प्रासंगिक बताया।
कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) अधिकारी प्रो. अनिल सोनी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उज्जवल पांसे ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रो. सुदामा लहरपुरे द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टॉफ तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मान किया गया।
इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने, स्वदेशी अपनाने तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया गया।



