सिंगरौली

मजौना रेत खदान में अवैध खनन बेकाबू वीडियो वायरल

सोशल मीडिया में तूफ़ान, माइनिंग विभाग अब भी कुंभकरण की नींद में!

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली/देवसर। जियावन थाना क्षेत्र स्थित मजौना रेत खदान इन दिनों जिले में अवैध रेत उत्खनन का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। रातभर मशीनों की गड़गड़ाहट,नदी की धार में नियमों को ताक पर रखकर उत्खनन, तय सीमा से कई गुना अधिक रेत निकासी और स्थानीय दबंगों की मनमानी सबकुछ खुलेआम चल रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह कि इतना कुछ होने के बावजूद माइनिंग विभाग अब भी चुप क्यों है?
वीडियो वायरल, खबरें चलीं, सोशल मीडिया में हंगामा फिर भी विभाग खामोश
पिछले कई दिनों से मजौना रेत खदान से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे हैं। ग्रामीण भी लगातार शिकायतें कर रहे हैं, स्थानीय मीडिया लगातार खबरें चला रहा है, माइनिंग की लापरवाही पर चर्चा तेज है…लेकिन ज़मीनी हकीकत विभाग की कार्रवाई शून्य! न कोई छापा, न जब्ती, न रोक-टोक। मानो पूरे मामले से विभाग का कोई लेना-देना ही नहीं।
दिन में सफाई-सुथराई, रात में नदी की धार में मशीनें!
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन करने वाले दिन में सभी मशीनें छिपा देते हैं ताकि सबकुछ सामान्य दिखे। लेकिन रात होते ही जेसीबी, पॉकलेन, ट्रैक्टर-डंपर नदी की बीच धार में उतरकर NGT और शासन के नियमों की खुली धज्जियाँ उड़ाते हुए उत्खनन शुरू कर देते हैं।
जांच टीम की औपचारिकता ग्रामीणों का गंभीर आरोप
ग्रामीणों के आरोप बेहद गंभीर हैं।
उनका कहना है कि माइनिंग विभाग की जांच टीम आती है, फोटो खींचती है, कागजी खानापूर्ति करती है और वापस चली जाती है। टीम के जाने के बाद अवैध खनन और दोगुनी गति से शुरू हो जाता है।
कंपनी की चुप्पी भी सवालों के घेरे में
स्थानीय दबंगों की बढ़ती पकड़ और दिन-ब-दिन बढ़ते अवैध उत्खनन पर कंपनी की चुप्पी ने भी कई संदेह पैदा कर दिए हैं। न रोक-टोक, न चेतावनी, न पारदर्शिता इस खामोशी ने ग्रामीणों के शक को और गहरा कर दिया है।
नदी में तेज कटाव कई गांवों पर भविष्य का खतरा
अवैध उत्खनन अब नदी की बीच धारा तक पहुँच चुका है, जिससे कटाव तेजी से बढ़ा है।ग्रामीणों का कहना है कि अगर यही स्थिति जारी रही तो आने वाले वर्षों में आसपास के कई गांवों पर बड़ा प्राकृतिक खतरा मंडरा सकता है।
माइनिंग विभाग की चुप्पी अवैध खनन का खुला लाइसेंस
विभाग की निष्क्रियता ने अवैध खनन करने वालों के हौसले आसमान पर पहुँचा दिए हैं। निगरानी शून्य, कार्रवाई शून्य, जवाबदेही शून्य, ग्रामीणों का तंज माइनिंग विभाग सो रहा है और अवैध खनन करने वाले उसके सामने खुलेआम तांडव कर रहे हैं।
ग्रामीणों की चेतावनी अब धैर्य नहीं, आंदोलन तय
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अब मामला सिर्फ रेत का नहीं, गांव की सुरक्षा और भविष्य का है। यदि माइनिंग विभाग की नींद नहीं टूटी तो वे बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे।
दिन-रात महान नदी की धार में पॉकलेन मशीन, फिर भी विभाग मौन
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दिन और रात दोनों समय महान नदी की बीच धार में पॉकलेन मशीनें चल रही हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई रोक-टोक नहीं। न टीम पहुँच रही, न कार्रवाई हो रही, न कोई जवाब। ग्रामीणों का सीधा सवाल क्या माइनिंग विभाग की चुप्पी ही अवैध खनन का असली कवच है?”
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